स्पेन का पलड़ा भारी, लेकिन मेस्सी अब भी अकेले विश्व कप फाइनल का रुख बदल सकते हैं: रॉबी फाउलर
मोना
- 17 Jul 2026, 07:52 PM
- Updated: 07:52 PM
मुंबई, 17 जुलाई (भाषा) इंग्लैंड के पूर्व स्ट्राइकर रॉबी फाउलर का मानना है कि अर्जेंटीना के खिलाफ फीफा विश्व कप फाइनल में स्पेन का पलड़ा थोड़ा भारी है, लेकिन उन्होंने कहा कि लियोनल मेस्सी ऐसे खिलाड़ी हैं जो अकेले अपने दम पर मुकाबले का नतीजा बदल सकते हैं।
फाउलर के अनुसार रोड्री की अगुआई में स्पेन का मिडफील्ड बेहद मजबूत है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। लेकिन पूरे 90 मिनट तक मेस्सी को रोकना फुटबॉल की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक है। ''
'जी5' के विशेषज्ञ पैनल के सदस्य फाउलर ने पत्रकारों से कहा, ''लामिने यमाल फाइनल में अलग खिलाड़ी होंगे। उनका खेल अलग स्तर का होगा। फाइनल में उनका प्रदर्शन और बेहतर होगा। ''
लिवरपूल के पूर्व स्टार ने कहा, ''कुल मिलाकर स्पेन का पलड़ा थोड़ा भारी है क्योंकि रोड्री ने इस टूर्नामेंट में कमाल का खेल दिखाया है। ऐसे आक्रामक खिलाड़ी का होना बहुत अच्छी बात है जो मैच में जीत दिला सकता है। आपका रक्षण मजबूत और व्यवस्थित है। अगर आपका मिडफील्ड मैच को नियंत्रित करता है तो जीतने की संभावना काफी बढ़ जाती है।''
फाउलर ने कहा कि स्पेन की 'गेंद पर नियंत्रण' आधारित शैली अर्जेंटीना के खतरे को सीमित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा, '' यह स्पष्ट है कि स्पेन के पास गेंद अधिक समय तक रहेगी। अगर आप चाहते हैं कि मेस्सी खेल को नियंत्रित नहीं करें तो उनके पास गेंद ही मत दीजिए। यह कहना आसान है, करना मुश्किल। लेकिन हमने देखा है कि स्पेन किस तरह खेलता है। ''
फाउलर ने कहा, ''मुझे स्पेन का खेल इसलिए पसंद है क्योंकि वे सिर्फ गेंद अपने पास रखने के लिए नहीं खेलते। उनका उद्देश्य आगे बढ़ना और तेजी से आक्रमण करना होता है। रणनीतिक नजरिए से अभी यही स्पेन की पहचान है। ''
उन्होंने कहा, ''स्पेन गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश करेगा और अर्जेंटीना को गेंद कम से कम देगा। हम सभी जानते हैं कि यह भी एक बेहतरीन रक्षात्मक रणनीति है। ''
फाउलर ने हालांकि स्वीकार किया कि दुनिया की सबसे बेहतरीन रणनीति भी मेस्सी के खिलाफ हमेशा सफल नहीं होती।
उन्होंने कहा, ''हम सब बैठकर यह सोचते हैं कि मेस्सी को कैसे रोका जाए। लेकिन सच यह है कि आप उन्हें पूरी तरह रोक नहीं सकते क्योंकि वह मेस्सी हैं और शायद फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ी हैं। वर्षों से कई कोच उन्हें रोकने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन अधिकांश असफल रहे। ''
भाषा नमिता मोना
मोना
1707 1952 मुंबई