भारत ने बुलेट ट्रेन परियोजना पर जापान के पूर्व मंत्री की टिप्पणियों को किया खारिज
दिलीप
- 17 Jul 2026, 10:14 PM
- Updated: 10:14 PM
नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी को लेकर जापान के एक पूर्व मंत्री की टिप्पणी से विवाद खड़ा होने के बाद, भारत ने आलोचना को खारिज करते हुए शुक्रवार को कहा कि यह एक ''व्यक्तिगत राय'' है, जो ''तथ्यों से कोसों दूर'' है।
जापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य हिदेकी माकिहारा ने समय-सीमा में देरी के लिए नयी दिल्ली को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की है। उन्होंने खास तौर पर इस बात पर चिंता जताई कि हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की ''सिग्नल प्रणाली से जापानी पक्ष को कथित तौर पर बाहर रखा गया।''
जापान इस परियोजना के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभा रहा है, जिसमें वित्त पोषण के साथ-साथ प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग की जानकारी साझा करना भी शामिल है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ''यह एक निजी राय है और तथ्यों से कोसों दूर है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड ट्रेन परियोजना पर भारत और जापान के बीच बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। जापान ई10 श्रृंखला की ट्रेनें देगा, लेकिन 2030 के दशक की शुरुआत में।''
उन्होंने कहा, ''जिस ट्रेन की बात हो रही है, उसे अभी विकसित किया जा रहा है। इस बीच, निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा है। पहला खंड 2027 में ही शुरू कर दिया जाएगा। इसलिए, दोनों पक्ष भारतीय हाई-स्पीड ट्रेन के साथ परिचालन शुरू करने पर सहमत हुए हैं।''
जायसवाल, हिदेकी द्वारा की गई आलोचना से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा, ''सिग्नल प्रणाली उपकरण का ऑर्डर उसी के अनुसार दिया गया है और यह अंतरराष्ट्रीय विशेषताओं के अनुरूप है। इस मामले में जापान की तरफ से कोई पेशकश नहीं की गई थी। परियोजना को पूरा करने का काम हाई-स्पीड ट्रेन परियोजना को जल्द से जल्द शुरू करने के साझा लक्ष्य के अनुरूप है।''
सोशल मीडिया पोस्ट में हिदेकी ने कहा था कि वह इस परियोजना से जुड़े रहे हैं।
उन्होंने जापानी में लिखा, ''लेकिन बैठकों और बातचीत में जो चीज उभर कर आई, वह थी भारतीय पक्ष की घोर लापरवाही, जो बार-बार सामने आई। चाहे कुछ भी हो जाए, वे अपने वादे पूरे नहीं करते।''
उन्होंने कहा, ''अगर वे कोई वादा भी करते हैं, तो तुरंत उससे पलट जाते हैं। वे केवल अपने स्वार्थ को पूरा करने की कोशिश करते हैं।''
उन्होंने कहा, ''इस परियोजना में दिलोजान से मेहनत करने वाले सभी जापानी लोगों के सम्मान के लिए यह कहना पड़ रहा है कि मुझे शत-प्रतिशत ऐसा लगता है कि इसके आगे नहीं बढ़ पाने की पूरी जिम्मेदारी भारतीय पक्ष की है।''
हाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच हुई बैठक का उल्लेख करते हुए हिदेकी ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना पर कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ''सुरक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण - सिग्नल प्रणाली से जापान को बाहर कर दिया गया है।''
शुरुआती चरण में भारत इस परियोजना के लिए स्वदेश निर्मित हाई-स्पीड ट्रेनों का उपयोग करने की योजना बना रहा है। इसके बाद, 2030 के शुरुआती वर्षों में जापान अपनी अगली पीढ़ी की ई10 श्रृंखला की 'शिंकानसेन' (बुलेट) ट्रेनों की आपूर्ति करेगा।
भाषा सुभाष दिलीप
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