बलिया : पुलिस की पिटाई से व्यक्ति की मौत के मामले में दारोगा समेत छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा
पारुल
- 12 Jul 2026, 05:15 PM
- Updated: 05:15 PM
बलिया, 12 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में 42 वर्षीय एक व्यक्ति की कथित तौर पर पुलिस की पिटाई से हुई मौत के मामले में रविवार को एक दारोगा, एक आरक्षी और ग्राम प्रधान सहित कुल छह आरोपियों के खिलाफ हत्या और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
बैरिया क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आलोक गुप्ता ने बताया कि रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट गांव निवासी विशाल गोंड की तहरीर पर दारोगा सचिन सरोज, आरक्षी अंकित सिंह, ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह, सूरज कन्नौजिया, उसके एक रिश्तेदार और मनीष यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
गुप्ता के मुताबिक, तहरीर में कहा गया है कि विशाल सात जुलाई की शाम को मांस खरीदने के लिए खेदन चौराहे स्थित सूरज की दुकान पर पहुंचा, जहां दोनों के बीच विवाद हो गया। इसमें आरोप लगाया गया है कि सूरज के रिश्तेदार विशाल को लाठी-डंडा लेकर मारने के लिए दौड़े, लेकिन वह किसी तरह से जान बचाकर भाग गया।
गुप्ता के अनुसार, तहरीर में कहा गया है कि ग्राम प्रधान आशुतोष अपने चालक मनीष यादव के साथ विशाल को थाने लेकर पहुंचा और उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
इसमें आरोप लगाया है कि पुलिस उपनिरीक्षक सचिन और आरक्षी अंकित आठ जुलाई की दोपहर विशाल के घर आए और वहां सो रहे उसके पिता कामजी गोंड (42) को लेकर थाना गए।
तहरीर में कहा गया है कि विशाल को थाने बुलाने के लिए पुलिसकर्मियों ने ग्राम प्रधान के दबाव में उसके पिता की पिटाई की।
इसमें कहा गया है कि ग्राम प्रधान और उसका चालक आठ जुलाई की शाम को कामजी को अपने साथ एक ईंट-भट्ठे पर ले गए, जहां उसकी पिटाई कर उसे पास के एक बगीचे में फेंक दिया गया।
तहरीर के मुताबिक, घूमने निकले गांव के बच्चों ने कामजी को बेहोशी की अवस्था में देख परिजन को इसकी सूचना दी।
इसमें कहा गया है कि परिजन कामजी को फौरन रेवती स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
तहरीर के अनुसार, जिला अस्पताल के चिकित्सकों की सलाह पर कामजी को वाराणसी स्थित ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां 10 जुलाई की रात को उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि कामजी का शव रविवार सुबह वाराणसी से उसके घर ले जाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग को लेकर गायघाट में खेदू चौराहा पर धरना दिया।
सीओ गुप्ता ने बताया कि आक्रोशित ग्रामीणों को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना खत्म करवाया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
भाषा
सं आनन्द पारुल
पारुल
1207 1715 बलिया