दिल्ली यातायात पुलिस ने आठ सड़कों को सिग्नल मुक्त किया
जितेंद्र
- 10 Jul 2026, 07:46 PM
- Updated: 07:46 PM
नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में यातायात जाम कम करने और गाड़ियों की आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली यातायात पुलिस ने आठ मार्गों को सिग्नल मुक्त कर दिया तथा 25 अन्य सड़कों पर 'रेड लाइट' समाप्त करने के लिए अध्ययन कर रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यातायात के विशेष पुलिस आयुक्त मनीष अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विभाग गाड़ियों की आवाजाही में सुधार के लिए दीर्घकालिक इंजीनियरिंग समाधान और नियमों के पालन पर निरंतर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
उन्होंने कहा, "हमने 25 सड़कों का अध्ययन पूरा कर लिया है। इनमें से आठ को पहले ही सिग्नल-मुक्त कर दिया गया है। अब अन्य 25 सड़कों की पहचान की गई है और उन्हें सिग्नल-मुक्त बनाने की व्यवहार्यता की जांच करने के लिए इसी तरह के अध्ययन किए जा रहे हैं।"
अधिकारी ने कहा कि 'नेविगेशन' मंचों के विश्लेषणात्मक डेटा से संकेत मिलता है कि समन्वित यातायात प्रबंधन उपायों के बाद अक्टूबर-दिसंबर की अवधि के दौरान कई सड़कों पर जाम कम हुआ।
अग्रवाल ने कहा, "हमारा प्राथमिक उद्देश्य यातायात को बेहतर बनाना है। नियमों के पालन पर लगातार जोर देने से सड़क अनुशासन में भी सुधार हुआ है और यात्रियों के व्यवहार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।"
उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर भर में जाम लगने वाले 62 स्थानों की समीक्षा की गई और इसके बाद यातायात पुलिस ने जाम को दूर करने के लिए नगर निकाय एजेंसियों के साथ काम किया।
विशेष आयुक्त ने कहा, "कई स्थानों पर उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। हालांकि, चार जगह परिणाम संतोषजनक नहीं थे और संबंधित एजेंसियों को संरचनात्मक परिवर्तन का सुझाव दिया गया है।"
यातायात पुलिस ने एक बयान में कहा कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), दिल्ली मेट्रो रेल ( डीएमआरसी) और दिल्ली नगर निगम (डीटीसी) जैसी एजेंसियों के साथ समन्वय में, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, मजनू का टीला, आश्रम चौक, अधचिनी गांव, आनंद विहार और कालिंदी कुंज सहित कई जाम लगने वाले क्षेत्रों में ढांचागत बदलाव किए गए हैं।
पुलिस ने कहा कि मानसून की तैयारियों के तहत यातायात पुलिस ने नगर निकाय एजेंसियों के साथ समन्वय में जलजमाव के प्रति संवेदनशील 169 स्थानों की पहचान की है।
अग्रवाल ने कहा कि तीव्र वर्षा के दौरान जलभराव को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता लेकिन विभागों के बीच बेहतर समन्वय के कारण प्रतिक्रिया समय में सुधार होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस को मानसून दौरान दिल्ली सरकार से लगभग 1,200 अतिरिक्त कर्मी भी मिले हैं और उन्हें यातायात प्रबंधन और बारिश से संबंधित जाम से निपटने के लिए तैनात किया जाएगा।
अग्रवाल ने 'ट्रैफिक पाठशाला' शुरू करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य यात्रियों को सड़क सुरक्षा, यातायात अनुशासन और जिम्मेदार तरीके से गाड़ी चलाने के लिए जागरुक करना है।
भाषा नोमान नोमान जितेंद्र
जितेंद्र
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