बदरीनाथ में चढ़ावे, दान के प्रबंधन में अनियमितताओं की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित
दीप्ति रवि कांत
- 07 Jul 2026, 09:47 PM
- Updated: 09:47 PM
देहरादून, सात जुलाई (भाषा) उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
इस बीच, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने आरोपों के घेरे में आए अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
राज्य सरकार द्वारा गठित समिति के अध्यक्ष गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप होंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक कार्यालय में निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान इसके सदस्य होंगे।
प्रदेश के पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, समिति मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी तथा 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।
आदेश में कहा गया है कि जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ या अन्य संबंधित व्यक्ति का सहयोग और परामर्श ले सकेगी। साथ ही, समिति दान और चढ़ावे के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों तथा सुझावों से भी सरकार को अवगत कराएगी।
इससे पहले, पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर बदरीनाथ धाम में दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। इसमें वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल, विधि अधिकारी एस.एस. बर्त्वाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी और केदारनाथ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डी.एस. भुजवान को शामिल किया गया था।
बीकेटीसी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्रमोद नौटियाल के विरुद्ध पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर उन्हें तीन जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। साथ ही मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।
आदेश के अनुसार, नौटियाल के स्पष्टीकरण और जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट की समीक्षा में उनके खिलाफ लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। समिति ने उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए कहा कि उन्हें वर्तमान पद पर बनाए रखने से जांच प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान नौटियाल बीकेटीसी के ज्योतिर्मठ मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे और सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
बीकेटीसी ने स्पष्ट किया कि समिति के प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता के मामलों में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों के बाद बदरीनाथ धाम में भी ऐसे आरोप सामने आने पर कांग्रेस ने धामी सरकार पर निशाना साधा।
कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पूरे मामले की न्यायिक जांच या विधानसभा की संयुक्त समिति से जांच कराने की मांग की।
उन्होंने कहा, ''जिस प्रकार राम मंदिर में सनातन धर्म के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ, उसी प्रकार अब बदरीनाथ धाम को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। मंदिर में चोरी, बहुमूल्य रत्नों, आभूषणों तथा चढ़ावे में कथित अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप सत्ता प्रतिष्ठान द्वारा नियुक्त लोगों पर लगे हैं।''
गोदियाल ने कहा, ''मैं मांग करता हूं कि पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए या विधानसभा की संयुक्त समिति से इसकी जांच कराई जाए।''
भाषा
दीप्ति रवि कांत
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