पूर्व राष्ट्रपति जुमा का भारत दौरा विवादों में, विवादित कारोबारी से मुलाकात पर बवाल
दिलीप
- 07 Jul 2026, 09:21 PM
- Updated: 09:21 PM
(फकीर हसन)
जोहानिसबर्ग, सात जुलाई (भाषा) दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को भारत यात्रा के दौरान एक मंदिर में व्यवसायी अजय गुप्ता के साथ देखे जाने के बाद इस देश के लोगों में आक्रोश फैला गया है। अजय गुप्ता पर दक्षिण अफ्रीका में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में संलिप्त होने का आरोप है।
जुमा और गुप्ता की मुलाकात की जानकारी पिछले सप्ताह तब सार्वजनिक हुई, जब भारतीय मीडिया ने हरिद्वार के सिद्धपीठ श्री दक्षिण काली मंदिर में दोनों के जाने की तस्वीरें प्रसारित कीं।
दक्षिण अफ्रीका की कैबिनेट मंत्री खुम्बुद्जो न्त्शावेनी ने गत शुक्रवार को जुमा की यात्रा की कड़ी निंदा की। उन्होंने जुमा और भारत में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त अनिल सूकलाल दोनों पर तीखा हमला बोला। सूकलाल को भी पूर्व राष्ट्रपति के साथ मंदिर में देखा गया था।
न्त्शावेनी ने जुमा पर दक्षिण अफ्रीका के कानून और विदेश नीति को कमतर करने का आरोप लगाया और गुप्ता से उनकी मुलाकात को जनता का अपमान करार दिया।
उन्होंने कहा, ''यह बहुत परेशान करने वाली बात है कि देश के एक पूर्व राष्ट्रपति खुलेआम और बिना किसी पछतावे के दक्षिण अफ्रीकी लोगों को ठेंगा दिखा सकते हैं, और ऐसा करते रहने के बावजूद यह दावा करते हैं कि वह फिर से इस देश को चलाना चाहते हैं।''
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले गुप्ता बंधुओं ने 1990 के दशक की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका जाने के बाद सूचना प्रौद्योगिकी, खनन और मीडिया के क्षेत्रों में कारोबार का साम्राज्य खड़ा किया।
करीब एक दशक पहले, गुप्ता बंधुओं पर तत्कालीन राष्ट्रपति जुमा के साथ अपने करीबी रिश्तों का इस्तेमाल कर सरकारी फैसलों को प्रभावित करने और लाभ उठाने का आरोप लगा। दक्षिण अफ्रीका में इस मामले को 'स्टेट कैप्चर स्कैंडल' के नाम से जाना जाता है।
हालांकि, गुप्ता बंधुओं और जुमा ने किसी भी अनैतिक कार्य से इनकार किया है।
आरोपों की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग गठित किये जाने के बाद 2018 में गुप्ता परिवार ने दक्षिण अफ्रीका छोड़ दिया।
दक्षिण अफ्रीका के अधिकारियों ने 2019 में अजय गुप्ता के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट रद्द कर दिया था, जबकि संयुक्त अरब अमीरात ने 2023 में दक्षिण अफ्रीका की उस मांग को ठुकरा दिया, जिसमें वहां रह रहे उनके भाइयों, अतुल और राजेश को प्रत्यर्पित करने को कहा गया था। अजय गुप्ता कथित तौर भारत में हैं।
गुप्ता बंधुओं के साथ कथित संबंधों का खुलासा होने के बाद जुमा की पार्टी 'अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस' ने फरवरी 2018 में उन्हें राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया था। जुलाई 2024 में पार्टी ने जुमा को निष्कासित कर दिया, जिसके बाद उन्होंने अपनी खुद की पार्टी बनाई।
हालांकि, न्त्शावेनी के कैबिनेट सहयोगी और उप राष्ट्रपति पॉल माशातिले ने सूकलाल का बचाव करते हुए कहा कि राजनयिक केवल अपना काम कर रहे थे। वह किसी भी देश के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष के दौरे पर उन्हें सहायता देने के तय नियमों का पालन कर रहे थे।
राजनयिक सूत्रों ने बताया कि सूकलाल ने दावा किया है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि पूर्व राष्ट्रपति की भारत की कथित निजी धार्मिक यात्रा के दौरान गुप्ता भी वहां मौजूद थे।
वर्ष 2018 में जुमा को राष्ट्रपति पद से हटाने के लिए नागरिक समाज को संगठित करने में अहम भूमिका निभाने वाले गैर सरकारी संगठन अहमद कथराडा फाउंडेशन ने एक बयान में कहा कि जनता जुमा की भारत यात्रा को कोई आम निजी यात्रा नहीं मान सकती।
भाषा धीरज दिलीप
दिलीप
0707 2121 जोहानिसबर्ग