वायनाड भूस्खलनः परिवारों को सुरक्षित निकाला गया, मलबे में फंसे श्रमिकों की तलाश जारी
पवनेश
- 07 Jul 2026, 03:41 PM
- Updated: 03:41 PM
वायनाड, सात जुलाई (भाषा) केरल के वायनाड जिले में कल्लाडी सुरंग परियोजना के पास हुए भूस्खलन के बाद जिला प्रशासन ने मंगलवार को आसपास रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। साथ ही लापता सात लोगों की तलाश के लिए अभियान तेज किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, भूस्खलन से कल्लाडी-मेप्पाडी सड़क अवरुद्ध हो गई है।
अधिकारियों ने बताया कि इलाके में लगातार भारी बारिश हो रही है और किसी भी तरह के खतरे से बचाव के लिए पास की कॉलोनी में रहने वाले परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षित निकाले गए लोगों को मेप्पाडी में ठहराया जाएगा, जहां उनके रहने के लिए अस्थायी व्यवस्था की गई है।
भूस्खलन स्थल पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन एवं बचाव सेवा, पुलिस, वन विभाग के कर्मियों और स्थानीय लोगों की टीमें संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रही हैं।
विधायक आई. सी. बालकृष्णन, वायनाड जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रिका कृष्णन, जिला कलेक्टर डी. आर. मेघाश्री तथा अन्य जनप्रतिनिधि बचाव अभियान की निगरानी के लिए घटनास्थल पर मौजूद रहे।
इस बीच, मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन तिरुवनंतपुरम स्थित केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) के कार्यालय पहुंचे और सदस्य सचिव शेखर एल. कुरियाकोस के साथ स्थिति की समीक्षा की।
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने अग्निशमन एवं बचाव सेवा के महानिदेशक और वायनाड के जिला पुलिस प्रमुख को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में बचाव अभियान और तेज करने के निर्देश दिए।
इस हादसे में घायल छह लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, मलबे के नीचे और लोगों के फंसे होने की आशंका के मद्देनजर उनकी तलाश के लिए अभियान जारी है।
इस बीच, सुरंग परियोजना से जुड़े इंजीनियरों ने मीडिया को बताया कि 12 जून से सुरंग खोदने का कोई काम नहीं किया गया था। केवल सुरंग को मजबूत करने और सुरक्षा से जुड़े कार्य ही किए जा रहे थे।
उनके अनुसार, भूस्खलन के समय लगभग 15 श्रमिक निर्धारित मलबा निस्तारण स्थल पर पत्थरों युक्त जालीदार सुरक्षा दीवार (गेबियन दीवार) के निर्माण और ढलान सुरक्षा का कार्य कर रहे थे।
परियोजना स्थल पर तैनात एक इंजीनियर ने बताया कि भूस्खलन सुरंग या निर्माण कार्य वाले सक्रिय क्षेत्र से प्रारंभ नहीं हुआ था।
उन्होंने कहा, "निर्धारित निर्माण क्षेत्र की सीमा से बाहर, सबसे बाईं ओर स्थित ढलान पर महज कुछ क्षणों में भूस्खलन हुआ। इसके तीन से चार सेकंड के भीतर ही मलबा तेजी से मीनाक्षी पुल क्षेत्र की ओर बढ़ गया।''
उन्होंने बताया कि मीनाक्षी पुल के दूसरी ओर तैनात तकनीकी टीम के सदस्य सुरक्षित निकल आए, लेकिन अचानक आए मिट्टी और मलबे के तेज बहाव में कई अन्य लोग फंस गए।
इंजीनियर ने बताया कि जिस स्थान पर भूस्खलन हुआ, वहां एक कार्यालय संचालित हो रहा था।
भाषा तान्या पवनेश
पवनेश
0707 1541 वायनाड