जम्मू कश्मीर: डोडा में अचानक आई बाढ़ से कई संरचनाएं, वाहन क्षतिग्रस्त
शोभना
- 07 Jul 2026, 10:39 AM
- Updated: 10:39 AM
(फोटो के साथ)
जम्मू, सात जुलाई (भाषा) जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ से थाथरी शहर का ऊपरी इलाका प्रभावित हुआ है। बाढ़ से कई घरों, दुकानों और गाड़ियों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा।
इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
पहाड़ी इलाके में हुई भारी बारिश के बाद डोडा और किश्तवाड़ जिलों में पिछले दो दिनों में अचानक बाढ़ आने की यह तीसरी घटना है।
अधिकारियों ने बताया कि ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश की वजह से अचानक बाढ़ आ गई जिससे बड़े बड़े पत्थर, कीचड़ और मलबा थाथरी शहर में आ गया।
कीचड़ और बड़े पत्थरों के बहकर आने और घरों एवं दुकानों से टकराने के कारण इन संरचनाओं को आंशिक नुकसान पहुंचा।
सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां मलबे में दब गईं जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ गाड़ियां बाढ़ के पानी के साथ बहकर चिनाब नदी में चली गईं।
प्रभावित गाड़ियों की सही संख्या और नुकसान के स्तर का आधिकारिक तौर पर अब पता नहीं चल पाया है।
अचानक आई बाढ़ के बाद थाथरी के पास डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग भी बंद हो गया जिससे क्षेत्र में गाड़ियों की आवाजाही बाधित हुई।
जिला प्रशासन ने सड़क संपर्क बहाल करने और नुकसान का जायजा लेने के लिए पुलिस और दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर सफाई अभियान शुरू किया।
इस घटना से एक दिन पहले लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ से निर्माणाधीन 540 मेगावाट की क्वार पनबिजली परियोजना के पास स्थित डोडा-किश्तवाड़ राजमार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था।
डोडा के उपायुक्त कृष्ण लाल ने कहा कि प्रशासन ने पूरे जिले में बारिश से जुड़ी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई की और प्रभावित सड़कों को बहाल किया।
उन्होंने कहा, ''आज सुबह बारिश के बाद थाथरी तहसील के प्रेम नगर इलाके में पहाड़ी ढलान से थोड़ी मिट्टी दरकने से सड़क पर कीचड़ और मलबा जमा हो गया लेकिन सुबह ही उसे हटा दिया गया और यातायात बहाल कर दिया गया।''
उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण चिराला तहसील और बगना लिंक रोड पर भी पत्थर और कीचड़ आ गए थे लेकिन इन हिस्सों को भी साफ कर दिया गया।
उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और अफवाहें नहीं फैलाएं। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं भारी बारिश की वजह से हुई हैं, न कि बादल फटने से।
उन्होंने कहा, ''ऐसी घटनाओं को बादल फटना कहना गलत है। ये भारी बारिश की घटनाएं हैं जिनकी वजह से अक्सर पहाड़ी जिलों में ढलानों से कीचड़ और छोटे पत्थर नीचे आ जाते हैं। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और ऐसी स्थिति पैदा होने पर तुरंत कार्रवाई करता है।''
उन्होंने लोगों से कहा कि किसी भी जानकारी पर यकीन करने या उसे साझा करने से पहले वे जिला नियंत्रण कक्ष या जिला प्रशासन से उसकी पुष्टि कर लें।
भाषा सुरभि शोभना
शोभना
0707 1039 जम्मू