करोड़ों रुपये के सड़क घोटाले में तमिलनाडु के पूर्व मंत्री, नौ अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
पारुल
- 26 Jun 2026, 12:23 AM
- Updated: 12:23 AM
चेन्नई, 25 जून (भाषा) सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) ने तमिलनाडु के पूर्व राजमार्ग मंत्री ईवी वेलु, विभाग के नौ अधिकारियों और एक निजी निर्माण कंपनी के खिलाफ करोड़ों रुपये के कथित सड़क निर्माण घोटाले में संलिप्तता के आरोप में मामला दर्ज किया है।
डीवीएसी की विशेष जांच शाखा द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में पूर्व मंत्री वेलु के साथ-साथ राजमार्ग विभाग के कई उच्च पदस्थ अभियंताओं, संभागीय लेखाकारों और करूर स्थित ठेकेदार कंपनी 'शंकरानंद इंफ्रा' को नामजद किया गया है।
प्राथमिकी के मुताबिक, आरोपियों ने मार्च 2022 के दौरान एक आपराधिक साजिश रची थी।
आरोप है कि करूर में सड़क के चौड़ीकरण और उसकी गुणवत्ता में सुधार के लिए सात करोड़ रुपये की निविदा जारी की गई थी, जिसमें से 3.23 करोड़ रुपये का भुगतान जमीन पर कोई वास्तविक काम हुए बिना ही सीधे निजी ठेकेदार को कर दिया गया।
जांच एजेंसी ने कहा कि इसी तरह इरोड जिले में 'राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक' (नाबार्ड) और ग्रामीण सड़क विभाग के तहत दो सड़कों के लिए लगभग 1.5 करोड़ रुपये का धोखाधड़ी वाला भुगतान किया गया।
यह मामला भ्रष्टाचार विरोधी गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) 'अरप्पोर इयक्कम' के संयोजक जयराम वेंकटेशन द्वारा अप्रैल 2022 में दर्ज कराई गई एक विस्तृत शिकायत पर आधारित है।
शिकायतकर्ता ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और सरकारी धन के आपराधिक गबन का आरोप लगाया था, जिसके बाद प्रारंभिक जांच शुरू की गई थी।
साल 2022 में अनियमितताओं के शुरुआती खुलासे के बाद विभागीय जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर करूर और इरोड संभाग के नौ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था।
इससे पहले दिन में, डीवीएसी ने राज्य में वेलु से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिस पर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
स्टालिन की अगुवाई वाली द्रमुक सरकार में वेलु के पास लोक निर्माण, राजमार्ग और बंदरगाह विभाग था।
स्टालिन ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वेलु अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं और अदालत में कानूनी तरीके से अपनी बेगुनाही साबित करेंगे। उन्होंने इसे ''राजनीति से प्रेरित कदम'' करार दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया, ''इतिहास गवाह है कि हमारे खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध के तहत दर्ज किया गया भ्रष्टाचार का एक भी मामला कभी साबित नहीं हो सका है।''
पार्टी की दृढ़ता पर बल देते उन्होंने कहा, ''द्रमुक ऐसा संगठन नहीं है, जो सत्तारूढ़ पार्टी की इस तरह की धमकी के आगे झुक जाएगा। हमने इससे कहीं बड़े दमन का सामना किया है। हम इसका भी सामना करेंगे और जीतकर निकलेंगे।
भाषा
सुमित पारुल
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