खरगे ने राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने पर कांग्रेस, कर्नाटक की जनता का आभार जताया
रंजन
- 12 Jun 2026, 07:22 PM
- Updated: 07:22 PM
(तस्वीरों के साथ)
बेंगलुरु, 12 जून (भाषा) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने पर पार्टी नेतृत्व, खास तौर पर सोनिया गांधी और राज्य की जनता का शुक्रवार को आभार जताया। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि यह उनके सियासी सफर का 13वां चुनाव था।
खरगे (83) लगातार दूसरी बार राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुये हैं। वह कर्नाटक विधानसभा के सदस्य के रूप में कई बार सेवाएं दे चुके हैं और लोकसभा में भी राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
खरगे ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के घटनाक्रम को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा।
उन्होंने इस कार्रवाई को "अवैध, अनैतिक और अलोकतांत्रिक" करार देते हुए आरोप लगाया कि मोदी कांग्रेस पार्टी को "खत्म" करने की साजिश के तहत जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं।
बेंगलुरु में विधान सौद परिसर में निर्वाचन अधिकारी से अपना चुनाव प्रमाणपत्र मिलने के बाद खरगे ने संवाददाताओं से कहा, "मैं सचमुच बहुत भाग्यशाली हूं। यह मेरा 13वां चुनाव है और कांग्रेस ने मुझे लोगों की सेवा करने का मौका दिया है। मैं सोनिया गांधी का भी आभारी हूं।''
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ''उन्होंने (सोनिया ने) मुझे लोगों की सेवा करने का अवसर दिया है। मुझे अपनी पार्टी और लोगों पर बहुत गर्व है। मैं उन सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी बधाई देता हूं, जिन्होंने इतने वर्षों तक विधायक और सांसद के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान मुझे भरपूर समर्थन और सहयोग दिया।"
उन्होंने कहा, "मैं कर्नाटक के लोगों, अपनी पार्टी के सदस्यों और आप सभी (मीडिया) का आभारी हूं, जिन्होंने मेरा सहयोग किया, ताकि मैं सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले जनप्रतिनिधियों में से एक बना रह सकूं।"
खरगे सहित तीन कांग्रेस उम्मीदवारों और एक भाजपा प्रत्याशी को बृहस्पतिवार को कर्नाटक से राज्यसभा के लिए "निर्विरोध" निर्वाचित घोषित किया गया।
खरगे के अलावा राज्य के नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्यों में एआईसीसी सचिव मंसूर अली खान, कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा और भाजपा नेता एम नागराजा शामिल हैं।
जब खरगे से मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को रद्द किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका के उच्चतम न्यायालय में खारिज होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पार्टी शीर्ष अदालत के निर्देश का पालन करेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "उच्चतम न्यायालय के अनुसार, पहले निर्वाचन आयोग, फिर उच्च न्यायालय और उसके बाद शीर्ष अदालत में अपील की जाती है। लेकिन यह एक खास मामला है और इसमें लगने वाले समय की वजह से देरी होने की संभावनाओं के मद्देनजर हम चाहते थे कि शीर्ष न्यायालय राहत दे। हम शीर्ष अदालत के निर्देश का पालन करेंगे और उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।"
खरगे ने नटराजन के नामांकन पत्र को रद्द किए जाने के फैसले को "अवैध, अनैतिक और अलोकतांत्रिक" करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया, "प्रधानमंत्री मोदी के इशारे के बिना ऐसा नहीं हो सकता था, यह बहुत बड़ी बात है। मोदी कांग्रेस और लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश के तहत जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित किया है कि उनके लोग हर जगह हों। जो लोग मोदी को पसंद करते हैं, उन्हें निर्वाचन अधिकारी बनाया जाता है और उनसे ऐसे काम (विपक्षी उम्मीदवार के नामांकन पत्र खारिज करने) करवाए जाते हैं।"
खरगे ने इस बात पर प्रकाश डाला कि झारखंड में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी एक उद्योगपति हैं। उन्होंने कहा, "एक ऐसा व्यक्ति उम्मीदवार है, जिसे बहुमत का समर्थन हासिल नहीं है। इसका मतलब है कि किसी कॉरपोरेट एजेंट को चुनने के लिए वोट खरीदे या बांटे जा रहे हैं।"
खरगे ने कहा, "हम नहीं चाहते कि गृह मंत्री, प्रधानमंत्री और उनके लोग लोकतंत्र में दखल दें। मैं यह नहीं कह रहा कि प्रधानमंत्री खुद ऐसा कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने यह सुनिश्चित किया है कि हर जगह अहम पदों पर उनके ही लोग हों। आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के एजेंट हर जगह मौजूद हैं, खासकर उन जगहों पर जहां भाजपा सत्ता में है; वे कानूनों और नियमों की परवाह नहीं करते, अपनी मनमर्जी से काम करते हैं और (नामांकन) खारिज कर देते हैं।"
खरगे ने नथवानी पर नामांकन पत्र के साथ दाखिल हलफनामे में गलत और अधूरी जानकारी देने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई थी।
उन्होंने कहा, "लेकिन नाथवानी को (निवार्चन अधिकारियों की ओर से) समय दिया गया और गलती सुधारने की अनुमति प्रदान की गई, जबकि दूसरी तरफ उसी शाम मध्यप्रदेश में (कांग्रेस उम्मीदवार का) नामांकन रद्द कर दिया गया। क्या यह लोकतंत्र है? क्या यह निष्पक्ष है?"
खरगे ने कहा कि इससे पता चलता है कि निर्वाचन आयोग निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, "नियमों के अनुसार चलें, संविधान का पालन करें। वे (भाजपा) नियमों और संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं। वे अपने लोगों को सभी पदों पर बैठाकर विपक्ष को परेशान कर रहे हैं।"
भाषा पारुल रंजन
रंजन
1206 1922 बेंगलुरु