हमें टीएमसी के 64 बागी विधायकों का समर्थन, अध्यक्ष शक्ति परीक्षण करा सकते हैं: रिताब्रता बनर्जी
माधव
- 12 Jun 2026, 08:34 PM
- Updated: 08:34 PM
कोलकाता, 12 जून (भाषा) तणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में बढ़ती फूट के बीच नेता प्रतिपक्ष रिताब्रता बनर्जी ने शुक्रवार को दावा किया कि पार्टी के 64 बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को अपने नाम सौंप दिए हैं, जो टीएमसी के विधानसभा संख्याबल का दो-तिहाई से ज़्यादा है। उन्होंने यह भी कहा कि समर्थन के परस्पर विरोधी दावों की पुष्टि के लिए शक्ति परीक्षण का आदेश दिया जा सकता है।
भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक देबांग्शु पांडा और टीएमसी की स्वाति खांडेकर के विधानसभा में शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद बनर्जी ने यह बात कही। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में और विधायक बागी खेमे में शामिल हो सकते हैं।
बनर्जी ने पत्रकारों से कहा, ''जैसे बागी सांसदों ने संसद में लोकसभा अध्यक्ष को अपनी सूची सौंपी, वैसे ही बागी टीएमसी विधायकों ने भी विधानसभा अध्यक्ष को अपनी सूची सौंप दी। अभी हमारे साथ 64 विधायक हैं। अगर अध्यक्ष ज़रूरी समझें, तो वह शक्ति परीक्षण का आदेश दे सकते हैं। हम यह साबित करेंगे कि हमारे साथ कितने विधायक हैं।''
पश्चिम बंगाल विधानसभा में अलग हुए 'न्यू टीएमसी' गुट का नेतृत्व कर रहे पूर्व राज्यसभा सदस्य ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगले हफ़्ते की शुरुआत तक उनके गुट की ताक़त के बारे में ज़्यादा साफ़ तस्वीर सामने आ जाएगी।
उन्होंने कहा, ''संख्या बढ़ेगी या नहीं, यह हमें सोमवार या मंगलवार तक पता चल जाएगा।''
हालांकि, बनर्जी ने अलग-अलग विधायकों के बारे में कोई टिप्पणी करने से इनकार किया, जिनमें वरिष्ठ टीएमसी नेता और कोलकाता के पूर्व महापौर फिरहाद हकीम भी शामिल हैं, जिनकी बागी नेताओं के साथ हुईं हालिया मुलाकातों ने अटकलों को हवा दी है।
बनर्जी ने कहा, ''मैं किसी व्यक्ति विशेष के बारे में बात नहीं करूंगा। मैं आंकड़ों के आधार पर बात करूंगा। जो कुछ भी देखना है, वह विधानसभा सत्र शुरू होने पर देखा जाएगा।''
इस हफ़्ते की शुरुआत में विधानसभा परिसर के अंदर बनर्जी और बागी विधायक संदीपन साहा से मुलाक़ात करते हुए देखे जाने के बाद हकीम को लेकर अटकलें और तेज़ हो गईं।
बृहस्पतिवार को विधानसभा से उनकी अनुपस्थिति ने इस मामले में और भी रहस्य पैदा कर दिया, हालांकि उन्होंने इस पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है।
हाल में चुनी गईं विधायक स्वाति खांडेकर के बारे में पूछे जाने पर बनर्जी ने कहा कि समारोह में उनकी मौजूदगी को राजनीतिक निष्ठा के संकेत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
खांडेकर एक दुर्घटना में घायल हो गई थीं, जिसके कारण उनके शपथग्रहण में देरी हुई।
बनर्जी ने कहा, ''वह हमारी विधायक हैं, और उनके शपथग्रहण में शामिल होना मेरा नैतिक दायित्व था। वह हमारे खेमे का समर्थन करती हैं, या नहीं, यह अलग बात है।''
विधानसभा का घटनाक्रम वरिष्ठ टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी की निंदा किए जाने के एक दिन बाद हुआ, जिससे पार्टी के भीतर बढ़ती दरार पर बहस और तेज हो गई।
अभिषेक का नाम लिए बिना, रिताब्रता बनर्जी ने कहा कि वरिष्ठ सांसद ने उन चिंताओं को दोहराया है जिन्हें बागी गुट कुछ समय से उठा रहा था।
भाषा
नेत्रपाल माधव
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