दिल्ली : पत्नी से विवाद के बाद व्यक्ति ने उसके घर के बाहर आत्मदाह किया
पारुल
- 20 May 2026, 01:07 AM
- Updated: 01:07 AM
नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में वैवाहिक विवाद के चलते एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के घर के बाहर खुद को कथित तौर पर आग लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि व्यक्ति की पत्नी घरेलू हिंसा और खुद को भारतीय वन सेवा (आईएफएस) का अधिकारी बताकर उसे धोखा देने का आरोप लगाकर अपने पति को छोड़कर चली गई थी।
मृतक की पहचान गुजरात निवासी दीपांश चौधरी (29) के रूप में हुई है। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान ये शुरुआती दावे गलत पाए गए, जिनमें कहा गया था कि उसकी पत्नी और सास ने उसे आग लगाई थी।
पुलिस के मुताबिक, सोमवार रात आग लगने की घटना के संबंध में एक पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को सूचना मिली, जिसके बाद कर्मी जहांगीरपुरी पहुंचे और दीपांश को गंभीर रूप से झुलसी हुई हालत में पाया। वह 90 प्रतिशत तक झुलस गया था।
पुलिस ने बताया कि दीपांश को बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
घटना के दौरान, दीपांश ने अपनी पत्नी और सास पर उसे आग लगाने का आरोप लगाया था। हालांकि, पुलिस ने कहा कि परिवार के सदस्यों से पूछताछ, स्थानीय गवाहों और घटनाक्रम की जांच से पता चला है कि उसने उन्हें फंसाने के प्रयास में घर के बाहर खुद को आग लगा ली थी।
पुलिस ने बताया कि दीपांश और उसकी पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से वैवाहिक कलह चल रही थी और 'क्राइम अगेंस्ट विमेन' (सीएडब्ल्यू) प्रकोष्ठ में काउंसलिंग की कार्यवाही भी जारी थी।
मृतक की पत्नी ने 'पीटीआई-भाषा' से बात करते हुए आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही दीपांश उसे धमका रहा था और उसके साथ मारपीट कर रहा था।
उसने कहा, "मेरे पति ने 11 मई को मुझे जान से मारने की धमकी दी थी। अगले दिन मैं एक रेस्तरां में गई और मदद मांगी, वे मुझे थाने ले गए। तब से वह फरार था।"
उसने आरोप लगाया कि सोमवार को दीपांश ने उसे फोन कर अपने पास रखे उसके कपड़े और दस्तावेज ले जाने को कहा।
उसने दावा किया, "जब मैं वहां गई, तो उसने मेरा मोबाइल छीन लिया और भाग गया। मैंने दोबारा पुलिस में शिकायत की। जब पुलिस ने उसे फोन किया, तो उसने उनसे कहा, 'शाम को उसका फोन और लाश दोनों ले जाना'।"
महिला के अनुसार, पुलिस ने तब उसे उसका नंबर ब्लॉक करने और उससे बात न करने की सलाह दी थी।
उसने आरोप लगाया, "रात करीब 8.30 बजे वह मेरे घर आया, घंटी बजाई और चिल्लाया कि वह मुझे जिंदा नहीं छोड़ेगा। जब मैं बाहर नहीं आई, तो वह चिल्लाया कि वह मुझे सबक सिखाएगा।"
उसने कहा, "तब तक मैं अंदर जा चुकी थी और पीसीआर कॉल कर दी थी। जब हमने घर से नीचे देखा, तो देखा कि लोग उसके शरीर पर लगी आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे। हम बहुत डरे हुए थे और पुलिस के आने तक बाहर नहीं निकले।"
महिला ने बताया कि वह जुलाई 2025 में एक ऑनलाइन वैवाहिक मंच के माध्यम से दीपांश से मिली थी और दोनों ने इस साल दो अप्रैल को शादी की थी।
उसने आरोप लगाया, "शादी के तीन दिन बाद ही उसने मुझे पीटना शुरू कर दिया। मैंने 19 अप्रैल और 12 मई को उत्तम नगर थाने में शिकायत की और सीएडब्ल्यू प्रकोष्ठ से भी संपर्क किया। मैंने उनसे कहा था कि मैं उसके साथ नहीं रहना चाहती, क्योंकि वह मेरे साथ मारपीट करता था।"
उसने दावा किया कि दीपांश ने शादी से पहले अपनी गलत पहचान बताई थी।
महिला ने आरोप लगाया, "जब हम मिले, तो उसने मुझे बताया कि वह अनाथ है और भारतीय वन सेवा के अधिकारी के रूप में काम करता है। बाद में उसने खुद के निलंबित रॉ एजेंट होने का दावा किया। लेकिन हमें पता चला कि वह वास्तव में कभी-कभी बाइक टैक्सी चालक के रूप में काम करता था।"
महिला ने उस पर शादी से पहले फोटो और वीडियो का इस्तेमाल कर उसे ब्लैकमेल करने और शादी से इनकार करने पर उसके भाई को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दीपांश सोमवार को उत्तम नगर से जहांगीरपुरी अपनी पत्नी का कुछ सामान लेकर आया था और कथित तौर पर उसे अपने साथ वापस चलने के लिए मनाने की कोशिश की थी। जब उसने मना कर दिया, तो दीपांश ने कथित तौर पर फिनाइल पी लिया और बाद में घर के बाहर खुद को आग लगा ली।
पुलिस ने कहा कि गुजरात में दीपांश के परिजन को सूचित कर दिया गया है और पोस्टमॉर्टम सहित आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।
भाषा नोमान यासिर पारुल
पारुल
2005 0107 दिल्ली