बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाने वाले ड्रोन इराकी क्षेत्र से आए थे : यूएई
माधव
- 19 May 2026, 10:17 PM
- Updated: 10:17 PM
दुबई, 19 मई (एपी) संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाने वाले सभी ड्रोन इराक से आए थे। देश के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
इजराइल और अमेरिका द्वारा 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के बाद, मिलिशिया ने खाड़ी अरब देशों को निशाना बनाकर बार-बार ड्रोन हमले किए हैं।
हमले के बाद बरकाह में किसी के घायल होने या रेडियोधर्मी विकिरण होने की कोई सूचना नहीं है। अमीरात के अधिकारियों ने बताया कि हमले में परिसर की बाहरी सीमा पर स्थित एक जनरेटर को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि सैन्य हमले फिर से शुरू करने से पहले वे ईरान को शांति वार्ता में प्रगति करने के लिए कुछ दिन का समय देने को तैयार हैं। ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि वह मंगलवार को हमले शुरू करने की योजना से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने तेहरान को कई बार समय सीमा दी और फिर पीछे हट गए।
ईरान के कब्जे वाले और अमेरिकी नौसैन्य नाकाबंदी के तहत आने वाले महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ गया है।
एक समुद्री डेटा फर्म ने मंगलवार को बताया कि पिछले सप्ताह जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही दोगुनी से अधिक हो गई, लेकिन फिर भी यह युद्ध-पूर्व स्तरों का एक अंश ही है।
ट्रंप ने ईरान वार्ता के लिए कोई निश्चित समयसीमा तय करने से परहेज किया है।
सोमवार को हमले को रद्द करने से पहले, ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि वह नये सिरे से हमले शुरू करने और नाजुक युद्धविराम को समाप्त करने का फैसला लेने से बस एक घंटा दूर थे।
मंगलवार को ट्रंप ने ईरान के लिए कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं की, पहले तो उन्होंने कहा कि वे तेहरान को ''दो या तीन दिन'' का समय दे रहे हैं। फिर उन्होंने कहा कि ईरान के पास ''शायद अगले सप्ताह की शुरुआत तक'' का समय हो सकता है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी व्यापक असहमति है। ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान से अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम हटाना चाहते हैं और उसे परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना चाहते हैं। वहीं, ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
इस बीच, इराक सरकार ने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की निंदा की है।
यूएई के परमाणु संयंत्र पर हुए हमले की जिम्मेदारी किसी भी समूह ने फिलहाल नहीं ली है, हालांकि ईरान और उसके सहयोगियों पर संदेह जताया जा रहा।
इराक सरकार के प्रवक्ता बस्सेम अल-अवदी ने अमीराती रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट पर टिप्पणी किए बिना एक बयान जारी कर कहा कि बगदाद यूएई को निशाना बनाकर किए गए हालिया ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करता है।
अल-अवदी ने कहा, ''हम क्षेत्रीय स्थिरता को किसी भी प्रकार की क्षति या नुकसान से बचाने और मित्र देशों की सुरक्षा और संप्रभुता को निशाना बनाने से रोकने के लिए प्रभावी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर भी जोर देते हैं।''
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पिछले दो दिनों में तीन अन्य ड्रोन ने भी देश को निशाना बनाया, हालांकि मंत्रालय ने उनके लक्ष्यों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।
सऊदी अरब, जिसने परमाणु संयंत्र पर हमले की निंदा की है, ने बाद में कहा कि उसने इराकी हवाई क्षेत्र से प्रवेश करने वाले तीन ड्रोन को मार गिराया।
बरकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र यूएई ने दक्षिण कोरिया की मदद से बनाया था और यह 2020 में चालू हुआ था। यह अरब जगत का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र है।
एपी सुभाष माधव
माधव
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