कांग्रेस ने बोर्ड परीक्षा के अंकों और एमएच-सीईटी स्कोर में विसंगति का मुद्दा उठाया, जांच की मांग की
नरेश
- 19 May 2026, 07:25 PM
- Updated: 07:25 PM
मुंबई, 19 मई (भाषा) कांग्रेस ने पिछले वर्ष आयोजित महाराष्ट्र साझा प्रवेश परीक्षा (एमएच-सीईटी) में मंगलवार को गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया और दावा किया कि कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में बहुत कम अंक प्राप्त करने वाले छात्रों ने इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए आयोजित परीक्षा में बेहद उत्कृष्ट अंक प्राप्त किये।
कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने दावा किया कि एमएच-सीईटी 2025-26 में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्रों में कम से कम 22 ऐसे छात्र शामिल थे जिनके बोर्ड परीक्षाओं में कम अंक थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में अनियमितताओं का स्तर नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक प्रकरण जैसा है।
सावंत ने कहा, "कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में मुश्किल से 35 से 40 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्रों ने एमएच-सीईटी में 100 पर्सेंटाइल प्राप्त किए। यह एक गंभीर अनियमितता है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए।"
सचिन सावंत ने अपने आरोपों के समर्थन में उदाहरण देते हुए कहा कि कक्षा 10वीं में 37 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले एक छात्र ने एमएच-सीईटी में 99.971 पर्सेंटाइल हासिल किया।
उन्होंने कहा कि कक्षा 12वीं में 51 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले दो छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किए जबकि कक्षा 12वीं में 45 प्रतिशत, 39 प्रतिशत और यहां तक कि 35 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्रों ने भी 100 पर्सेंटाइल प्राप्त किए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि एमएच-सीईटी गणित परीक्षा में प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, पांचवां, छठा, 15वां, 16वां, 17वां और 18वां स्थान पाने वाले छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल प्राप्त किए, जबकि एचएससी गणित परीक्षा में उनका औसत अंक केवल 64.3 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि इनमें से छह छात्रों ने औसत से कम अंक प्राप्त किए थे, जिनके एचएससी गणित में क्रमशः 60, 54, 53, 53, 40 और 35 अंक थे।
सावंत ने कहा कि एमएच-सीईटी में शीर्ष 20 रैंक पाने वाले छात्रों में से छह ने एचएससी भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित (पीसीएम) में कुल मिलाकर 60 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त किए थे। सावंत ने कहा कि एक मामले में, एचएससी पीसीएम में केवल 39 प्रतिशत कुल अंक प्राप्त करने वाला छात्र शीर्ष 20 रैंक पाने वालों में शामिल था।
सावंत ने कहा, "बोर्ड परीक्षा प्रदर्शन और सीईटी परिणामों के बीच इन स्पष्ट विसंगतियों से गंभीर प्रश्न उठते हैं। उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसा कैसे हुआ और परीक्षा प्रक्रिया को कौन नियंत्रित करता है।"
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वार्षिक 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम का जिक्र करते हुए सावंत ने कहा कि नीट और एमएच-सीईटी जैसी परीक्षाओं से जुड़े बार-बार होने वाले विवाद गंभीर चिंता का विषय हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि वे एमएच-सीईटी अधिकारियों को विस्तृत आंकड़ों के साथ एक नया पत्र सौंपेंगे और तत्काल जांच की मांग करेंगे।
भाषा अमित नरेश
नरेश
1905 1925 मुंबई