नीट-यूजी परीक्षा फिर से आयोजित होने की घोषणा के बाद छात्र पढाई के लिए कोटा लौट रहे
सुरेश
- 18 May 2026, 09:29 PM
- Updated: 09:29 PM
कोटा, 18 मई (भाषा) भारत की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में से एक राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) देने के बाद कोटा से अपने घर लौट चुके विद्यार्थी मजबूरी में अब फिर छात्रावास लौटने लगे हैं।
ये विद्यार्थी इस उम्मीद में बोरिया बिस्तर बांधकर अपने घर लौट चुके थे कि अब उन्हें यहां रहने की जरूरत नहीं है, लेकिन प्रश्न-पत्र लीक होने के बाद दोबारा परीक्षा की घोषणा के साथ ही उन्होंने फिर से कोटा का रुख कर लिया है तथा अब फिर से छात्रावास गुलजार होने लगे हैं।
ऐसी ही एक छात्रा अनामिका वर्मा लखनऊ से वापस छात्रावास पहुंची है और आज उसने अपने कमरे को फिर से व्यवस्थित किया। उसने कहा, ''नीट-यूजी परीक्षा के बाद मैं लखनऊ वापस चली गई थी, लेकिन कोटा लौट आई, क्योंकि घर पर पढ़ाई नहीं हो पाती... वहां पढ़ाई का माहौल नहीं मिलता।''
अनामिका की तरह कई मेडिकल छात्र धीरे-धीरे देश की 'कोचिंग राजधानी' कोटा की ओर लौट रहे हैं, क्योंकि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने के बाद 21 जून को इसे फिर से कराने की घोषणा की है।
कोटा में परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की वापसी ने शहर के पढ़ाई के अनूठे माहौल को पुनर्जीवित कर दिया है।
अनामिका ने कहा, ''कोटा में उत्साह बरकरार है। टेस्ट सीरीज भी शुरू हो चुकी है, इसलिए मैं वापस आ गई हूं। मेरे कई दोस्त भी लौट रहे हैं।''
कई छात्रों के लिए परीक्षा रद्द होने से न केवल उनकी शैक्षणिक योजनाएं बाधित हुईं, बल्कि वर्षों की तैयारी के बाद मिलने वाली राहत का एक दुर्लभ क्षण भी अचानक छिन गया। वे अब एक बार फिर उन दिनचर्या को अपना रहे हैं, जिनसे वे कुछ सप्ताह पहले मानसिक रूप से बाहर निकल चुके थे।
मध्य प्रदेश की अंशिका गुरैया ने कहा, 'नीट परीक्षा देने के बाद हमने खूब मौज-मस्ती की और घूमने-फिरने की योजना भी बनाई थी। लेकिन जैसे ही हमें पता चला कि परीक्षा रद्द हो गई है, 'मूड' खराब हो गया।''
उसके परिवार ने परीक्षा के बाद छुट्टी मनाने की योजना बनाई थी, जिसे तैयारी के महीनों के दौरान बार-बार टाला गया था। यात्रा रद्द कर दी गई।
उसने कहा, ''चूंकि कोटा पास में ही है, इसलिए मैं तैयारी के लिए यहीं लौट आई हूं। मैं छात्रावास से ही पढ़ाई करूंगी, क्योंकि घर पर ध्यान केंद्रित करना संभव नहीं है।''
राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात के छात्र उल्लेखनीय संख्या में कोटा लौट रहे हैं, जबकि दूर के राज्यों के छात्र ऑनलाइन मंचों के माध्यम से घर से ही अपनी तैयारी जारी रख रहे हैं।
रांची की दीक्षा पांडे के लिए महज एक महीने के लिए वापस लौटना व्यावहारिक नहीं लग रहा था।
उसने कहा, ''हमारा लक्ष्य परीक्षा देना था, इसलिए हमने उसी के अनुसार दिनचर्या तय कर ली थी। परीक्षा के बाद हम मानसिक रूप से काफी निश्चिंत हो गए थे। फिर परीक्षा रद्द होने की खबर आई।''
उसने कहा, ''सिर्फ एक महीने के लिए कोटा वापस जाना व्यावहारिक नहीं है। इसलिए मैं झारखंड से ऑनलाइन तैयारी कर रही हूं। यह चुनौतीपूर्ण है क्योंकि घर का माहौल वैसा नहीं है जैसा कोटा में होता है।''
पांडे ने स्वीकार किया कि मानसिक रूप से तनावमुक्त होने के बाद तैयारी फिर से शुरू करना कई छात्रों के लिए भावनात्मक रूप से थका देने वाला रहा है।
कोटा में छात्रावास मालिकों का कहना है कि शहर में विद्यार्थियों, खासकर पड़ोसी राज्यों के छात्र-छात्राओं की वापसी धीरे-धीरे बढ़ रही है।
एक छात्रावास संघ के वरिष्ठ सदस्य ने कहा कि कोटा में प्रतिवर्ष लगभग एक लाख 20 हजार छात्र तैयारी करते हैं, जिनमें से लगभग आधे छात्र नीट परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
भाषा शुभम सुरेश
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