रुपया 40 पैसे लुढ़ककर 95.68 प्रति डॉलर के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर
अजय
- 12 May 2026, 08:47 PM
- Updated: 08:47 PM
मुंबई, 12 मई (भाषा) अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ने से मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40 पैसे औंधे लुढ़ककर 95.68 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि पश्चिम एशिया में 10 सप्ताह से जारी संघर्ष के गहराने और तेल एवं गैस आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंकाओं से बाजार की धारणा प्रभावित हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए इसे ठुकराए जाने से अनिश्चितता और बढ़ गई है।
इसके अलावा, बाज़ार के प्रतिभागियों ने सप्ताहांत पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन संरक्षण और आयात में कमी से जुड़ी टिप्पणियों को इस बात की एक सूक्ष्म स्वीकारोक्ति के रूप में समझा कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो भारत का व्यापार घाटा और भुगतान संतुलन से जुड़ा दबाव और बिगड़ सकता है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.57 पर खुला और कारोबार के दौरान 95.74 के अब तक के निचले स्तर तक आ गया। कारोबार के अंत में यह 95.68 पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 40 पैसे की बड़ी गिरावट है।
सोमवार को भी रुपया 79 पैसे टूटकर 95.28 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।
विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर की मजबूती से रुपये पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, निचले स्तर पर भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप से कुछ सहारा मिल सकता है।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ''अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर व्याप्त अनिश्चितता के बीच रुपये में कमजोरी का रुख बना रह सकता है। डॉलर-रुपये की हाजिर विनिमय दर 95.30 से 96 के दायरे में रहने की उम्मीद है।''
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.33 प्रतिशत बढ़कर 98.28 पर रहा।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की वायदा कीमत 3.09 प्रतिशत बढ़कर 107.43 डॉलर प्रति बैरल हो गई। इससे आपूर्ति बाधित होने और ऊर्जा लागत बढ़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल के विवेकपूर्ण इस्तेमाल और विदेशी मुद्रा को बचाने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह से देश की ऊर्जा स्थिति से जुड़ी चिंताएं और बढ़ गई हैं। इसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी देखा जा रहा है।
बीएसई सेंसेक्स 1,456.04 अंक टूटकर 74,559.24 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 436.30 अंक के नुकसान के साथ 23,379.55 अंक पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने मंगलवार को 1,959.39 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय
1205 2047 मुंबई