राजस्थान सरकार ने नीट परीक्षा में गड़बड़ी को जानबूझकर छुपाने की कोशिश की: अशोक गहलोत
जोहेब
- 12 May 2026, 03:46 PM
- Updated: 03:46 PM
जयपुर, 12 मई (भाषा) पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट यूजी 2026' में गड़बड़ी को जानबूझकर छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया। साथ ही उन्होंने परीक्षा रद्द करने के राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के फैसले को साहसिक बताया।
उल्लेखनीय है कि एनटीए ने तीन मई को आयोजित 'नीट यूजी 2026' परीक्षा रद्द करने की घोषणा करते हुए मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार ने इसमें अनियमितताओं की सीबीआई जांच का आदेश दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने एक बयान में कहा, ''नीट (यूजी) प्रवेश परीक्षा का रद्द होना यह दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। राजस्थान की भाजपा सरकार ने जानबूझकर दो सप्ताह तक इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया।''
गहलोत के अनुसार, एनटीए ने परीक्षा रद्द करके और सीबीआई को जांच सौंपकर युवाओं के हित में एक साहसिक निर्णय लिया है।
गहलोत ने इस मुद्दे को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, ''राजस्थान की भाजपा सरकार ने पहले कर्मचारी चयन बोर्ड में हुए ओएमआर शीट घोटाले को छिपाया, ताकि सरकार की बदनामी न हो। कमजोर पैरवी के कारण उस मामले के आरोपियों को जमानत भी मिल गई। इसी प्रकार, अब नीट (यूजी) परीक्षा लीक की जानकारी को भी छिपाने का प्रयास किया गया और प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की गई।''
पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, ''अब सच्चाई सामने आ गई है और भाजपा सरकार का असली चेहरा बेनकाब हो गया है।''
कांग्रेस नेता और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली तथा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
जूली ने कहा कि नीट परीक्षा का रद्द होना इस बात का साफ सबूत है कि पूरे प्रकरण में संगठित तरीके से बड़ी धांधली हुई।
उन्होंने कहा, "परीक्षा रद्द कर जांच सीबीआई को सौंपा जाना यह बताता है कि मामला कितना गंभीर और व्यापक है, यह लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खुला विश्वासघात हुआ है।"
उन्होंने कहा, "भाजपा राज में 10 साल में 89 पेपर लीक, यही पेपर लीक की कड़वी सच्चाई है। हर बार बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, कार्रवाई के दावे होते हैं, लेकिन हकीकत में युवाओं की मेहनत, समय और भविष्य के साथ भाजपा सरकार लगातार खिलवाड़ कर रही है।"
कांग्रेस नेता ने कहा, "सबसे चिंताजनक बात यह है कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने सच्चाई उजागर करने के बजाय उसे दबाने की कोशिश की और दो हफ्तों तक युवाओं के भविष्य को दांव पर लगाए रखा। यह सरकार की केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सुनियोजित गैर-जिम्मेदारी और संवेदनहीनता का प्रमाण है।'
डोटासरा ने कहा, "नीट 2026 परीक्षा रद्द होना सिर्फ एक परीक्षा का निरस्त होना नहीं है, ये मोदी सरकार लीक व्यवस्था एवं भाजपा सरकार और पेपर लीक माफियाओं की सांठगांठ का पर्दाफाश होना है।"
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, "राजस्थान में भाजपा के संरक्षण में पेपर लीक माफियाओं ने लाखों युवाओं की मेहनत, वर्षों की तैयारी और सपनों को खुलेआम बाजार में बेच दिया जबकि सरकार तमाशा देखती रही।"
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, "मोदी सरकार एवं भाजपा शासित राज्यों में आज देश की सबसे बड़ी परीक्षाएं भी सुरक्षित नहीं हैं। एक के बाद एक पेपर लीक, भर्ती घोटाले और अब नीट जैसी परीक्षा का रद्द होना इस बात का सबूत है कि भाजपा राज में मेहनत नहीं, बल्कि पेपर लीक माफियाओं से सेटिंग और संरक्षण का खेल जारी है।"
भाषा पृथ्वी जोहेब
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