राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने नक्षत्र व हर्बल वाटिका का उद्घाटन किया
संतोष
- 05 May 2026, 02:54 PM
- Updated: 02:54 PM
जयपुर, पांच मई (भाषा) राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में नक्षत्र वाटिका और एक हर्बल वाटिका का उद्घाटन किया।
उन्होंने इन्हें भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, प्राचीन ज्योतिषीय जान, आयुर्वेद चिकित्सा और पर्यावरण संरक्षण के समन्वय का सजीव उदाहरण बताया। इस अवसर पर कई राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष मौजूद थे।
डॉ. देवनानी ने बताया कि नक्षत्र वाटिका की अवधारणा भारतीय ज्योतिष के 27 नक्षत्रों पर आधारित है।
ज्योतिष में प्रत्येक नक्षत्र का संबंध एक विशिष्ट वृक्ष से माना गया है। इसके लिए विधानसभा के दक्षिण भाग में दोनों पार्किंग के मध्य पांच हजार वर्ग मीटर अर्ध चन्द्राकार उद्यान विकसित किया गया है।
इस वाटिका में 27 नक्षत्रों अश्विनी, भरणी, कृतिका, रोहिणी, मृगसिर, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल. पूर्वाषाढा, उत्तराषाढा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती से संबंधित प्रमुख वृक्षों क्रमशः कुचला, आंवला, गूलर, जामुन, खैर, शीशम, बांस, पीपल, नागकेसर, बरगद/बट, पलाश, पाकड, रीठा/चमेली, बेल, अर्जुन, कटारी, मौलश्री, चीड/संभल, साल, जलवेतर/अशोक, कटहल, शमी/आक, मदार/शमी, कदंब, आम, नीम, महुआ का रोपण किया जा रहा है।
इन पौधों का नौ ग्रहों, बारह राशियों और त्रिदेव ब्रह्मा. विष्णु एवं शिव से भी संबंध है।
देवनानी ने बताया कि नक्षत्र वाटिका को पारंपरिक भारतीय ज्योतिष में वर्णित 27 नक्षत्रों के आधार पर विकसित किया गया है जिसमें प्रत्येक नक्षत्र एक विशिष्ट वृक्ष से जुड़ा होता है।
देवनानी ने बताया कि विधानसभा परिसर में 850 वर्ग मीटर में हर्बल वाटिका भी विशेष रूप से विकसित की गई है। इसके लिए विधानसभा के उत्तर पश्चिम क्षेत्र में सुव्यवस्थित 38 क्यारियों में 38 प्रजातियों के पौधे हैं। प्रत्येक क्यारी में एक प्रजाति के 20 से 25 पौधों का रोपण किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह वाटिकाएं केवल एक उद्यान नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा का जीवंत प्रतीक हैं।
यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी बल्कि लोगों को अपने जन्म नक्षत्र से जुड़े वृक्षों के प्रति जागरूक भी करेगी।
भाषा पृथ्वी मनीषा संतोष
संतोष
0505 1454 जयपुर