भाजपा के हर्षद परमार ने गुजरात के उमरेठ विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल की
मनीषा
- 04 May 2026, 05:07 PM
- Updated: 05:07 PM
आणंद (गुजरात), चार मई (भाषा) गुजरात के उमरेठ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव में प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हर्षद परमार ने सोमवार को अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं कांग्रेस उम्मीदवार भृगुराजसिंह चौहान को 30,000 से अधिक मतों के अंतर से हराकर जीत हासिल की।
भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, परमार ने 85,500 वोट हासिल किए, जबकि चौहान को 54,757 वोट मिले।
यह उपचुनाव 23 अप्रैल को हुआ था। इस सीट से तत्कालीन भाजपा विधायक गोविंद परमार का छह मार्च को हृदयाघात के कारण निधन हो गया था, जिसके बाद यह चुनाव आवश्यक हो गया था।
भाजपा ने परमार के बेटे हर्षद परमार को मैदान में उतारा, और यह उनका पहला बड़ा चुनाव है।
कांग्रेस के प्रत्याशी चौहान ने 2000 से 2015 तक लगातार तीन कार्यकाल तक उमरेठ तालुका पंचायत के अध्यक्ष के रूप में सेवा दी।
परमार ने अपनी जीत को अपने दिवंगत पिता को समर्पित किया और अत्यधिक गर्मी में मतदान करने के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का धन्यवाद किया।
परमार ने पत्रकारों से कहा, ''आज का यह अंतर उपचुनाव के लिए ऐतिहासिक है। मेरे दिवंगत पिता द्वारा इस क्षेत्र में किए गए कामों के कारण, लोगों ने पहले दिन से ही तय कर लिया था कि वे केवल मेरे लिए ही मतदान करेंगे। उनके आशीर्वाद से मैं आज इतनी बड़ी जीत हासिल कर पाया।''
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी परमार को बधाई दी और उमरेठ के लोगों का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, ''उमरेठ विधानसभा उपचुनाव में शानदार जीत के लिए भाजपा के उम्मीदवार श्री हर्षदभाई परमार को हार्दिक बधाई। साथ ही सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को भी बधाई, जो वास्तव में अद्वितीय रत्न हैं।''
मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''उमरेठ के लोगों का भाजपा की विकास की राजनीति में अटूट विश्वास रखने के लिए धन्यवाद। उमरेठ में विकास और जनकल्याण के लिए सेवा की नदी लगातार बहती रहेगी, और उमरेठ 'विकसित गुजरात' के निर्माण में शानदार योगदान देगा।"
वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार चौहान ने अपनी हार के लिए ईवीएम को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने दावा किया, ''हमें इस पर संदेह है, और हमने चुनाव अधिकारी को भी लिखित रूप में सूचित किया है। लोग उत्साहपूर्वक कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर रहे थे, लेकिन ईवीएम के कारण भाजपा विजयी बनी।''
आणंद से लोकसभा सदस्य मितेश पटेल ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने इस जीत के लिए कड़ी मेहनत की थी।
उन्होंने कहा, "भाजपा के कार्यकर्ताओं ने केवल चुनाव के समय वोट मांगने का काम नहीं किया, बल्कि पूरे पांच साल मेहनत की, और इसका ही परिणाम है यह जीत। यह गोविंद परमार द्वारा विधानसभा क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों का भी परिणाम है।"
चुनाव में भाग लेने वाले अन्य चार उम्मीदवारों—तीन स्वतंत्र और एक अन्य ने 1,000 वोट का आंकड़ा भी पार नहीं किया, जबकि नोटा को 2,335 वोट मिले।
इस सीट पर उपचुनाव 23 अप्रैल को हुआ था, जहां करीब 59.04 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया था ।
भाषा रंजन मनीषा
मनीषा
0405 1707 आंणद