कोहिनूर टिप्पणी के बीच न्यूयॉर्क के मेयर की महाराजा चार्ल्स तृतीय के 'अशिष्ट' स्वागत के लिए आलोचना
अविनाश
- 01 May 2026, 01:52 PM
- Updated: 01:52 PM
(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क, एक मई (भाषा) न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी को महाराजा चार्ल्स तृतीय का ''अशिष्ट'' स्वागत करने और कोहिनूर हीरा लौटाने का आग्रह करते समय ''उपनिवेशवाद के मुद्दे को त्यागने में विफल रहने'' के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
मैनहट्टन में 9/11 स्मारक पर बुधवार को महाराजा चार्ल्स तृतीय और महारानी कैमिला से मिलने से कुछ घंटे पहले ममदानी ने कहा था कि वह ब्रिटिश सम्राट से कोहिनूर हीरा (भारत को) लौटाने के लिए कहेंगे।
जब ममदानी से एक प्रेसवार्ता में पूछा गया कि वह महाराजा से मुलाकात होने पर उनसे क्या कहना चाहेंगे, तो उन्होंने कहा था कि वह 'वर्ल्ड ट्रेड सेंटर' स्मारक पर न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल और न्यू जर्सी की गवर्नर मिकी शेरिल सहित कई अन्य निर्वाचित पदाधिकारियों के साथ पुष्पांजलि कार्यक्रम में शामिल होंगे।
उन्होंने कहा, ''और उस पुष्पांजलि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 11 सितंबर के भयावह आतंकवादी हमलों में मारे गए 3,000 से अधिक न्यूयॉर्कवासियों को श्रद्धांजलि देना है। मैं वास्तव में उस कार्यक्रम में यही करना चाहता हूं।''
ममदानी ने कहा, ''अगर मुझे महाराजा से अलग से बात करनी होगी, तो मैं शायद उन्हें कोहिनूर हीरा लौटाने के लिए प्रोत्साहित करता।''
'द न्यूयॉर्क पोस्ट' के संपादकीय बोर्ड ने ममदानी द्वारा महाराजा चार्ल्स के ''अशिष्ट'' स्वागत की निंदा की।
संपादकीय में कहा गया, ''जोहरान ममदानी इंग्लैंड के महाराजा का ठीक से स्वागत नहीं कर सके, इसके लिए परिपक्वता, शालीनता और विनम्रता की आवश्यकता होती, जो हमारे महापौर में बिल्कुल नहीं है।''
संपादकीय में कहा गया है कि बुधवार को महाराजा चार्ल्स तृतीय ने न्यूयॉर्क का दौरा किया, तो उनका स्वागत करने के लिए ''ममदानी ने बहुत कम प्रयास किए'' और यह भी कहा गया कि महापौर ''9/11 स्मारक पर सम्राट के साथ केवल एक संक्षिप्त बैठक'' के लिए देर से सहमत हुए, जबकि शाही परिवार ने शहर में कई स्थलों का दौरा किया।
संपादकीय ने उन पूर्व अवसरों का हवाला दिया जिसमें ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्यों का न्यूयॉर्क शहर के महापौरों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया था।
संपादकीय में कहा गया, ''लेकिन ममदानी ने ऐसा कुछ की करने की जहमत नहीं उठाई; वह उपनिवेशवाद के खिलाफ अपने जुनून को भी दरकिनार नहीं कर सके और पत्रकारों से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह 'कोहिनूर' हीरा (भारत को) लौटाने पर जोर देंगे। यह हीरा मूल रूप से भारत का 105 कैरेट का रत्न है और अब लंदन में प्रदर्शित है।''
भाषा यासिर अविनाश
अविनाश
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