छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने 79,340 श्रमिकों के खातों में 27.15 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की
गोला
- 28 Mar 2026, 11:36 PM
- Updated: 11:36 PM
रायपुर, 28 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 79,340 निर्माण श्रमिकों और उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने शनिवार को जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में 79,340 निर्माण श्रमिकों और उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की।
मुख्यमंत्री साय ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बावजूद छत्तीसगढ़ में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भर है, लेकिन केंद्र सरकार की प्रभावी विदेश नीति और विभिन्न देशों के साथ मजबूत संबंधों के कारण आपूर्ति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक भय और भ्रम का वातावरण बन रहा है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और पेट्रोल, डीज़ल या गैस का अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे पहले ईंधन की उपलब्धता बनी रही है, वैसे ही आगे भी निर्बाध रूप से मिलती रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित 12 विभिन्न योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को बच्चे के जन्म पर 20 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा मकान निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। श्रमिकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा खरीदने में भी सहायता दी जा रही है, जिसे पहले एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। यदि किसी श्रमिक का बच्चा 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा में शीर्ष-10 में स्थान प्राप्त करता है, तो उसे दो लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके साथ ही मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पहले 100 बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 200 कर दिया गया है।
साय ने बताया कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए 'दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना' संचालित की जा रही है, जिसके तहत ऐसे मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में लाखों भूमिहीन मजदूरों के खातों में लगभग 495 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है।
साय ने भविष्य निधि (पीएफ) प्रणाली के सार्वभौमीकरण की भी घोषणा की, जिससे श्रमिक देश के किसी भी हिस्से में काम करने पर अपना पीएफ लाभ जारी रख सकते हैं। इसके अलावा न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाकर एक हजार रुपये किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ईएसआईसी अस्पतालों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को बेहतर और निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम में राज्य के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
भाषा संजीव गोला
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