छत्तीसगढ़ विधानसभा में 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश
अजय
- 24 Feb 2026, 06:24 PM
- Updated: 06:24 PM
रायपुर, 24 फरवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट 'संकल्प' (एसएएनकेएएलपी) विषयवस्तु पर आधारित है, जिसमें समावेशी विकास एवं अवसंरचना को तेज करना और निवेश को बढ़ावा देना शामिल है।
वर्ष 2023 में सत्ता में आई भाजपा के नेतृत्व वाली विष्णु देव साय सरकार का यह तीसरा बजट है।
चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार रानी दुर्गावती योजना शुरू करेगी, जिसके तहत बालिकाओं को 18 साल की उम्र होने पर 1.5 लाख रुपये मिलेंगे।
बजट में सामाजिक क्षेत्र पर खास जोर दिया गया है, जो कुल खर्च का 40 प्रतिशत है, जबकि 36 प्रतिशत आर्थिक क्षेत्र के लिए और 24 प्रतिशत सामान्य सेवा क्षेत्र के लिए रखा गया है।
बजट में सरगुजा, बस्तर और नक्सल प्रभावित इलाकों के विकास पर खास जोर दिया गया है। सरकार ने बस्तर इलाके में कभी नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाले अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो 'एजुकेशन सिटी' बनाने का ऐलान किया है, जिसके लिए एक सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
खेल और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसी पहल के लिए बजट में संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिल सके और क्षेत्र की सकारात्मक पहचान मजबूत हो। इसके साथ ही बस्तर फाइटर्स के 1,500 नवीन पदों का सृजन किया गया है।
बजट में सरकार ने महिलाओं के नाम से संपत्ति क्रय पर लगने वाले पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का प्रस्ताव रखा है, जिससे महिलाओं को संपत्ति में स्वामित्व और आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ का निर्माण 2000 में हुआ था और अब 25 साल पूरे कर लिए है। राज्य ने अपना रजत जयंती साल 'अटल निर्माण वर्ष' के रूप में मनाया है। इस दौरान, राज्य ने आर्थिक विकास के रास्ते पर काफी तरक्की की है। राज्य का बजट में भी विकास हुआ जो 35 गुना बढ़ गया है। राज्य निर्माण के दौरान बजट 4,944 करोड़ रुपये था जो बढ़कर अब 1,72,000 करोड़ रुपये हो गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य का बजट, दृष्टि दस्तावेज 'छत्तीसगढ़ अंजोर 2047' में बताए गए लक्ष्यों को पाने और राज्य के सतत विकास के सफर को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
सरकार का पहला बजट 'ज्ञान' (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) विषयवस्तु पर आधारित था, जबकि पिछले साल यह 'गति' (सुशासन, अवसंरचना को तेज करना, प्रौद्योगिकी और आद्योगिक विकास) पर केंद्रित था।
बजट पेश करते हुए चौधरी ने कहा कि इस साल का बजट 'संकल्प' – समावेशी विकास, अवसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, जीवनयापन और नीति से परिणाम तक पर केंद्रित है जिसका मकसद राज्य के विकास के सफर को तेज करना है।
उन्होंने कहा, 'संकल्प' सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है। यह सिर्फ़ योजना तैयार करने के लिए नहीं है, बल्कि ज़मीनी स्तर पर उन्हें असरदार तरीके से लागू करने के लिए भी है, जिससे योजना के इरादे ऐसे नतीजों में बदलें जिन्हें मापा जा सके और विकास का फ़ायदा हर नागरिक और हर इलाके तक पहुंचे।''
मंत्री ने कहा कि बस्तर में इंद्रावती नदी पर मतनार और देउरगांव बैराज बनाने के लिए बजट में 2,024 करोड़ रुपये का इंतज़ाम किया गया है, जो कभी नक्सलियों का गढ़ था।
चौधरी ने कहा कि बस्तर इलाके के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 'एजुकेशन सिटी' बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि राज्य में खेल एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बजट में बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि बस्तर नेट परियोजना के लिए पांच करोड़ रुपये मंजूर करके दूरदराज के इलाकों में डिजिटल संपर्क को मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बजट में स्कूल शिक्षा के लिए 22,360 करोड़ रुपये, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16,560 करोड़ रुपये, लोक निर्माण विभाग के लिए 9,451 करोड़ रुपये और जल संसाधन विभाग के लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
चौधरी ने बताया कि बजट में निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए 23 नए औद्योगिक पार्क बनाने को 250 करोड़ रुपये का भी प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य खेती में आधुनिक तकनीक, बेहतर इनपुट और उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना है।
चौधरी ने कहा कि विकास भारत जी राम जी योजना के लिए बजट में चार हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में हर साल 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है - जिसका मकसद नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में बुनियादी अवसंरचना, नागरिक सेवाओं और सफाई को बेहतर बनाना है। वहीं मुख्यमंत्री द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है - जो स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए समर्पित है। बजट में राज्य सरकार के कर्मचारियों को नकदी-रहित चिकित्सा सुविधा के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
चौाधरी ने बताया कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में आर्थिक सहायता के लिए छत्तीसगढ़ असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जाम (सीजी एसीई) योजना तीन हिस्सों में शुरू की जाएगी इसमें नीट, जेईई, क्लैट की तैयारी के लिए 'उड़ान', यूपीएससी और छत्तीसगढ़ पीएससी के लिए 'शिखर' और रेलवे, बैंकिंग और एसएससी परीक्षा के लिए 'मंज़िल' शामिल है। इसके लिए 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पांच मुख्यमंत्री मिशन मुख्यमंत्री एआई मिशन, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन, मुख्यमंत्री अवसंरचना मिशन और मुख्यमंत्री स्टार्टअप तथा निपुण मिशन शुरू किए गए हैं।
राज्य में छत्तीसगढ़ वायबिलिटी असिस्टेंस फॉर यात्री उड़ान (सीजी-वायु) योजना शुरू की जाएगी, जिसका मकसद बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर से हवाई सेवाओं को बढ़ावा देना है, जिसके लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने बताया कि रायपुर में दो सौ बिस्तर का एक नया अस्पताल बनाया जाएगा, जिससे राजधानी में स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत होंगी।
चौधरी ने बताया कि राजधानी रायपुर में राज्य का पहला होम्योपैथी कॉलेज बनाया जाएगा।
भाषा संजीव शफीक अजय
अजय
2402 1824 रायपुर