'फर्जी' अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र मामले में डीएफएस अधिकारी पर 'भारी जुर्माना' लगाया जाए : उपराज्यपाल
माधव
- 18 Feb 2026, 08:21 PM
- Updated: 08:21 PM
नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी को 'फर्जी' निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर ' भारी जुर्माना' लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने साथ ही इस संबंध में कथित कदाचार के लिए एजेंसी के एक पूर्व निदेशक के खिलाफ सतर्कता जांच का भी निर्देश दिया है।
उप राज्यपाल कार्यालय के अधिकारी ने बताया कि सक्सेना ने डीएफएस के सहायक मंडल अधिकारी सीएल मीणा द्वारा दायर उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की ओर से लगाए गए 'मामूली जुर्माने' को चुनौती दी गई थी।
सतर्कता निदेशालय ने यह जुर्माना आजादपुर स्थित आकाश सिनेमा-सह-वाणिज्यिक परिसर में अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करने के लिए स्थापित लिफ्ट को लेकर झूठी निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद उनपर लगाया गया था।
अधिकारी ने बताया कि उपराज्यपाल ने न केवल मीणा की अपील खारिज कर दी, बल्कि सतर्कता निदेशालय को सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के नियम 14 के तहत अधिकारी के खिलाफ '' भारी जुर्माना' लगाने की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश भी दिया।
मीणा पर आरोप है कि उन्होंने तीन अगस्त, 2022 और 25 अक्टूबर, 2022 को दो निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कीं, जिनमें आकाश सिनेमा-सह-व्यावसायिक परिसर में चार लिफ्ट स्थापित होने का उल्लेख किया गया था। उनकी 25 अक्टूबर 2022 की रिपोर्ट के आधार पर एक नवंबर, 2022 को अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी किया गया था।
इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय सहित विभिन्न अधिकारियों के समक्ष शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिनमें आरोप लगाया गया कि अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र ''फर्जी'' था।
अधिकारियों ने बताया कि श्रम विभाग के सहायक विद्युत निरीक्षक द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि मौके पर कोई लिफ्ट नहीं लगी है।
हालांकि, इस खुलासे के बावजूद एक नवंबर, 2022 को जारी किए गए अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र की न तो समीक्षा की गई और न ही उसे रद्द किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल सक्सेना ने मामले में सतर्कता निदेशालय को पूर्व सुरक्षा सुरक्षा निदेशक और निरीक्षण, प्रमाणीकरण और संबंधित प्रक्रियाओं में शामिल अन्य अधिकारियों के 'कदाचार' की जांच करने और दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।
भाषा धीरज माधव
माधव
1802 2021 दिल्ली