केंद्र ने प्रतिबंध हटाया तो विधानसभा चुनाव लड़ेगी जमात ए इस्लामी जम्मू कश्मीर : संगठन के पूर्व प्रमुख
जितेंद्र प्रशांत
- 15 May 2024, 08:13 PM
- Updated: 08:13 PM
श्रीनगर, 15 मई (भाषा) जमात ए इस्लामी (जेईएल) जम्मू-कश्मीर के पूर्व प्रमुख गुलाम कादिर वानी ने बुधवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार संगठन पर से प्रतिबंध हटाती है तो उनका संगठन विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगा।
केंद्र ने जमात ए इस्लामी पर 2019 में प्रतिबंध लगाया था।
वानी ने यहां से 32 किलोमीटर दूर पुलवामा में संवाददाताओं से कहा, ''हम केंद्र के साथ बातचीत कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि संगठन पर से प्रतिबंध हट जाए और हम समाज में हमारी भूमिका निभाना चाहते हैं। अगर प्रतिबंध हट जाता है, तो हम चुनावों में हिस्सा ले सकते हैं।''
श्रीनगर लोकसभा सीट पर सोमवार को मतदान के दौरान वोट डालने वाले वानी ने कहा कि उनका संगठन लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखता है और अतीत में भी चुनावों में हिस्सा ले चुका है।
वानी ने कहा, '' हम हिस्सा लेंगे (विधानसभा चुनावों में) क्योंकि हम लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखते हैं। हम हिस्सा लेंगे क्योंकि हम पूर्व में भी ऐसा कर चुके हैं।''
संगठन ने 1987 से किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लिया है।
पूर्व अमीर ए जमात (पार्टी प्रमुख) सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे उस पत्र पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें यह दावा किया जा रहा था कि जमात के मजलिस ए शूरा ने चुनावों में हिस्सा लेने को मंजूरी नहीं दी थी।
उन्होंने कहा, '' हमने चुनावों (लोकसभा) में हिस्सा लिया और हमारे कार्यकर्ताओं को लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए स्वतंत्र रूप से मतदान करने को कहा क्योंकि लोकतंत्र ही समस्या का समाधान है। हमारे (पार्टी के) संविधान के मुताबिक, यह बहुत जरूरी है। कुछ बदमाशों ने कहीं लिख दिया कि (मजलिस) शूरा (सलाहकार परिषद) ने हमें मंजूरी नहीं दी। सिर्फ वही जानते हैं कि इस पत्र के पीछे क्या मकसद है। हम फिर दोहरा रहे हैं और अपना रुख स्पष्ट कर रहे हैं। शूरा हमारे साथ है।''
लोकसभा चुनावों के बाकी के चरणों में चुनावों के लिए इलाके के जमात कार्यकर्ताओं को अपने संदेश में वानी ने कहा कि मतदान के जरिये ही बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ''हम मतदान के जरिये बदलाव ला सकते हैं। अगर अच्छे लोग आगे आएंगे तो हमारा समाज विकसित होगा और मुद्दे हल होंगे। मादक पदार्थ माफिया जैसे माफियाओं को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। मैं कार्यकर्ताओं से बिना डरे मतदान करने की अपील करता हूं।''
भाषा जितेंद्र