प्राकृत भाषा के विद्वान एंड्रयू ओलेट, जीनोम विशेषज्ञ अंजना बद्रीनारायणन को इन्फोसिस पुरस्कार
अमित सुरेश
- 12 Nov 2025, 03:36 PM
- Updated: 03:36 PM
बेंगलुरु, 12 नवंबर (भाषा) इंफोसिस साइंस फाउंडेशन (आईएसएफ) ने बुधवार को इंफोसिस पुरस्कार 2025 के विजेताओं की घोषणा की। यह भारतीय अनुसंधान के क्षेत्र में एक सर्वोच्च सम्मान है जिसमें एक लाख अमेरिकी डॉलर की राशि शामिल है।
इन छह विजेताओं में प्राकृत भाषा के विश्व के अग्रणी विद्वान एंड्रयू ओलेट और जीनोम मरम्मत के क्षेत्र में अग्रणी कार्य के लिए जानी जाने वाली अंजना बद्रीनारायणन शामिल हैं।
पुरस्कार की घोषणा इन छह श्रेणियों में की गई- अर्थशास्त्र, इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान, मानविकी और सामाजिक विज्ञान, जीवन विज्ञान, गणितीय विज्ञान और भौतिक विज्ञान।
प्रत्येक श्रेणी के पुरस्कार में एक स्वर्ण पदक, एक प्रशस्ति पत्र और 100,000 अमेरिकी डॉलर (या भारतीय रुपये में इसके समतुल्य) की राशि शामिल है।
आईएसएफ के अनुसार, इंफोसिस पुरस्कार 2025 के विजेताओं में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अर्थशास्त्र के पॉल ए सैमुएलसन प्रोफेसर निखिल अग्रवाल (अर्थशास्त्र), टोरंटो विश्वविद्यालय में गणितीय और कम्प्यूटेशनल विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर सुशांत सचदेवा (इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान), शिकागो विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई भाषाओं और सभ्यताओं के विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर एंड्रयू ओलेट (मानविकी और सामाजिक विज्ञान), नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज, बेंगलुरु में एसोसिएट प्रोफेसर अंजना बद्रीनारायणन (जीवन विज्ञान), टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, मुंबई में गणित के स्कूल में एसोसिएट प्रोफेसर सब्यसाची मुखर्जी (गणितीय विज्ञान) और कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में केमिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर कार्तिश मंथिराम (भौतिक विज्ञान) शामिल हैं।
विजेताओं की घोषणा आईएसएफ के ट्रस्टी द्वारा की गई।
मानविकी और सामाजिक विज्ञान की श्रेणी में सम्मानित किए गए ओलेट अपनी भाषाई निपुणता और ज्ञान के लिए जाने जाते हैं, जिसमें संस्कृत, प्राकृत, कन्नड़, तमिल, प्राचीन जावानीज और चीनी के अध्ययन में उनके विस्तृत योगदान के अलावा, आधुनिक यूरोपीय भाषाओं का ज्ञान और ग्रीक एवं लैटिन में उनका प्रशिक्षण भी शामिल है।
प्राचीन जावानीज को कावी भी कहते हैं, जो जावा की सबसे पुरानी प्रमाणित ऑस्ट्रोनेशियन भाषा है।
बद्रीनारायणन को जीनोम रखरखाव और मरम्मत की प्रक्रिया को समझने में उनके अग्रणी योगदान के लिए जीवन विज्ञान श्रेणी में सम्मानित किया गया।
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अमित