हार के बाद इज्जत बचाने के लिए ‘वोट चोरी’ जैसे आरोप लगाना कांग्रेस की परिपाटी-धामी
दीप्ति नोमान
- 19 Aug 2025, 07:30 PM
- Updated: 07:30 PM
गैरसैंण, 19 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड में हाल में संपन्न पंचायत चुनावों में धांधली का आरोप लगाने वाली कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि हार के बाद अपनी इज्जत बचाने के लिए ‘वोट चोरी’, ‘ईवीएम हैक’ होने जैसे आरोप लगाना विपक्षी पार्टी की परिपाटी बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में निष्पक्ष पंचायत चुनाव हुए हैं और एकाध जगह कानून-व्यवस्था की जो स्थिति खराब हुई है, उसे लेकर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जहां कांग्रेस जीतती है, वहां कोई गड़बड़ी नहीं होती। धामी ने इस संबंध में देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष तथा बाजपुर में ब्लॉक प्रमुख के पद पर कांग्रेस की जीत का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कोई गड़बड़ी नहीं हुई।
धामी ने कहा कि पूरे देश में अब इनकी पार्टी (कांग्रेस) की यह आदत बन गई है कि जब भी वे किसी चुनाव में हारते हैं, तो अपनी हार स्वीकार करने के बजाय कभी ईवीएम को दोषी ठहराते हैं, कभी निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाते हैं, कभी प्रशासन या सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं और कभी ‘वोट चोरी’ की बात कहने लगते हैं, ताकि अपनी इज्जत बचाई जा सके।
उन्होंने कहा कि जनता भलीभांति जानती है कि कांग्रेस के कालखंडों में किस प्रकार से वोटों की चोरी हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा , “जिस नैनीताल की बात हो रही है, वहां जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर हमारी पार्टी की प्रत्याशी दीपा दर्मवाल निर्वाचित हुई हैं और वहीं उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस निर्वाचित हुई है। अगर यह निष्पक्ष चुनाव नहीं होता तो दोनों ही पद भाजपा को मिलते।”
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों के अलावा लोकसभा, विधानसभा, नगर निकाय आदि सभी चुनावों में भाजपा को मिली भारी जीत के कारण कांग्रेस में हताशा और निराशा भर गयी है।
धामी ने कहा, “उत्तराखंड की देवतुल्य जनता ने जिस प्रकार से भाजपा को नगरी क्षेत्र या ग्रामीण क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी सौंपी है तो उनका निराश होना स्वभाविक है।”
कांग्रेस ने मंगलवार से शुरू हुए राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में भी पंचायत चुनाव में धांधली और प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया।
इसका जिक्र करते हुए धामी ने कहा कि उनकी हताशा और निराशा इतने महत्वपूर्ण सत्र में भी दिखाई दी।
उन्होंने सदन में कांग्रेस के व्यवहार को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कहा, “सदन में जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी और हम इसके लिए तैयारी के साथ आए थे, लेकिन आज विपक्ष ने जिस तरह से मेजें तोड़ी हैं, (विधानसभा) अध्यक्ष के सामने जिस प्रकार से कागज के पुतले बनाकर फेंके हैं, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।”
उन्होंने यह भी कहा कि खुद सदन में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाला विपक्ष कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा प्रदेश देख रहा है कि किस प्रकार का कृत्य यहां पर पहली बार सदन के अंदर हुआ है।”
भाषा दीप्ति