गणतंत्र दिवस के मद्देनजर जम्मू संभाग में सुरक्षा कड़ी की गई
धीरज माधव
- 20 Jan 2025, 06:26 PM
- Updated: 06:26 PM
जम्मू, 20 जनवरी (भाषा) जम्मू संभाग में गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पुलिस ने एहतियात के तौर पर समारोह के मुख्य स्थल जम्मू शहर स्थित एम ए स्टेडियम में आम लोगों के आने पर रोक लगा दी है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की सुरक्षा शाखा ने स्टेडियम को अपने नियंत्रण में ले लिया है, जहां उपराज्यपाल मनोज सिन्हा गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगे तथा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला मुख्य अतिथि होंगे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया,‘‘गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस की सुरक्षा शाखा ने मुख्य समारोह स्थल की जिम्मेदारी संभाल ली है।’’
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा उपाय के तहत कार्यक्रम स्थल पर आम जनता के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्य कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास के इलाकों की गहन तलाशी करने का कार्य पूरा कर लिया गया है।
अधिकारी ने बताया कि थाना प्रभारियों और सब डिवीजन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जांच करने और गणतंत्र दिवस समारोह को बिना किसी घटना के संपन्न कराने के लिए चौबीसों घंटे सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि उपराज्यपाल सिन्हा जम्मू के एम ए स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह की अध्यक्षता करेंगे और सलामी लेंगे। मुख्यमंत्री अब्दुल्ला इस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और कैबिनेट मंत्री जावीद अहमद डार, सकीना इट्टो, सतीश शर्मा और जावेद राणा क्रमशः श्रीनगर, बारामूला, अनंतनाग, कठुआ और उधमपुर जिलों में होने वाले समारोहों में परेड की सलामी लेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने जम्मू क्षेत्र के कई हिस्सों, विशेषकर सीमावर्ती इलाकों में वाहनों और पैदल चलने वालों की जांच तेज कर दी है।
उन्होंने बताया कि शहर के भीतर चौराहों तथा प्रवेश एवं निकास बिंदुओं पर नाके लगाए गए हैं और सचल वाहन जांच चौकियां (एमवीसीपी) स्थापित की गई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि प्रमुख इलाकों में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को तैनात किया गया है।
उन्होंने बताया कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और सेना द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर गश्त बढ़ा दी गई है, जबकि किसी भी घुसपैठ के प्रयास को रोकने के लिए सीमा पुलिस इकाइयों और ग्राम रक्षा गार्ड (वीडीजी) के सदस्यों को सक्रिय कर दिया गया है।
भाषा धीरज