दिल्ली के सिविल लाइंस में एसयूवी कार कचौरी की दुकान में घुसी, छह लोग घायल
प्रीति शफीक
- 03 Apr 2024, 12:33 AM
- Updated: 12:33 AM
नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में एक तेज रफ्तार स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) एक मशहूर कचौरी की दुकान में जा घुसी, जिससे दुकान के कर्मचारी समेत छह लोग घायल हो गये। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि घटना रविवार दोपहर राजपुर रोड पर फतेहचंद कचौरी की दुकान पर हुई।
घटना का एक कथित ‘सीसीटीवी’ फुटेज सामने आया है, जिसमें एक सफेद रंग की ‘मर्सिडीज-बेंज’ कार दुकान के बाहर खड़े कुछ लोगों को टक्कर मारती दिख रही है। इसके कुछ ही सेकंड बाद कार दीवार से जा टकराई।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर) एम.के. मीणा ने बताया कि कार चालक की पहचान नोएडा के सेक्टर 79 निवासी कारोबारी पराग मैनी के रूप में हुई है। आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया और वाहन को भी जब्त कर लिया।
मीणा ने कहा, ‘‘प्रारंभिक चिकित्सकीय जांच के अनुसार, चालक नशे में नहीं था। हालांकि, उसके रक्त के नमूने को आगे के विश्लेषण के लिए सुरक्षित रख लिया है। जांच अभी भी जारी है।’’
उन्होंने बताया कि दुकान के कुछ कर्मचारियों सहित घायलों को सिविल लाइंस स्थित तीरथ राम शाह अस्पताल में भर्ती कराया गया, हालांकि इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने बताया कि घायलों में से दो को ‘फ्रैक्चर’ हुआ है।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि मैनी अपनी पत्नी के साथ दुकान पर कचौरी खाने आया था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘दुकान के बाहर अपनी कार पार्क करते समय गलती से उसने ‘ब्रेक’ के बजाय ‘एक्सीलेटर’ दबा दिया, जिससे उसने वाहन पर नियंत्रण खो दिया।’’
गनीमत रही कि दुर्घटना के समय दुकान पर ज्यादा भीड़ नहीं थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
दुकान के मालिक नंद किशोर ने कहा कि इस दुर्घटना में वह बाल-बाल बच गये क्योंकि उस दौरान वह खाना खाने के लिए घर जा रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं जैसे ही दुकान से बाहर निकला एसयूवी गाड़ी दुकान में जा घुसी। वाहन चालक अपना वाहन खड़ा कर रहा था, लेकिन उसने वाहन से नियंत्रण खो दिया।’’
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि इस हादसे में कचौरी की दुकान के बराबर में स्थित एक अन्य दुकान भी क्षतिग्रस्त हो गई है।
पुलिस ने बताया कि सिविल लाइंस पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 279 (लापरवाह तरीके से वाहन चलाना) और धारा 337 (दूसरों की जान या निजी सुरक्षा को खतरे में डालकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भाषा प्रीति