तबला वादक जाकिर हुसैन सैन फ्रांसिस्को के अस्पताल में आईसीयू में भर्ती
शफीक नेत्रपाल
- 16 Dec 2024, 12:55 AM
- Updated: 12:55 AM
नयी दिल्ली, 15 दिसंबर (भाषा) तबला वादक जाकिर हुसैन को हृदय संबंधी समस्याओं के बाद अमेरिकी शहर सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। हुसैन के मित्र और बांसुरी वादक राकेश चौरसिया ने रविवार को यह जानकारी दी।
हुसैन की बहन ने उनके निधन की खबरों का खंडन करते हुए कहा कि तबला वादक उपचाराधीन हैं।
इससे पहले, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर हुसैन के निधन की सूचना साझा की थी, लेकिन बाद में इस पोस्ट को हटा दिया।
हुसैन की प्रबंधक निर्मला बचानी ने बताया कि अमेरिका में रह रहे 73 वर्षीय संगीतकार को रक्तचाप की समस्या थी।
बचानी ने कहा, ‘‘हुसैन हृदय संबंधी समस्या के कारण पिछले दो सप्ताह से सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में भर्ती हैं।’’
चौरसिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हुसैन अस्वस्थ हैं और फिलहाल आईसीयू में भर्ती हैं। हम सभी उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंतित हैं।’’
हुसैन के निधन की खबरें आने के बीच उनकी प्रबंधन टीम ने ‘पीटीआई-भाषा’ से पुष्टि की कि तबला वादक का सैन फ्रांसिस्को के अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनका ‘‘निधन नहीं हुआ है।’’
हुसैन की बहन खुर्शीद ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उनके भाई की हालत ‘‘बहुत गंभीर’’ है, लेकिन ‘‘उनका उपचार जारी है।’’
खुर्शीद ने कहा, ‘‘मेरा भाई इस समय बहुत बीमार है। हम भारत और दुनिया भर में उनके सभी प्रशंसकों से उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने के लिए कह रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं मीडिया से अनुरोध करना चाहती हूं कि जाकिर हुसैन के निधन के बारे में गलत जानकारी पर ध्यान न दे। उनका उपचार जारी है। उनकी हालत बहुत गंभीर है, लेकिन वह अभी भी हमारे बीच हैं। इसलिए, मैं (मीडिया से) अनुरोध करूंगी कि वह यह लिखकर या कहकर अफवाह न फैलाए कि उनका (हुसैन) निधन हो गया है। मुझे फेसबुक पर यह सारी जानकारी देखकर बहुत बुरा लग रहा है। यह बहुत गलत है।’’
महान तबला वादक अल्लाह रक्खा के सबसे बड़े बेटे जाकिर हुसैन ने अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए भारत और दुनिया भर में एक अलग पहचान बनाई है।
हुसैन ने अपने करियर में पांच ग्रैमी पुरस्कार प्राप्त किए हैं, जिनमें से तीन इस साल की शुरुआत में 66वें ग्रैमी पुरस्कार में मिले थे।
भारत के सबसे प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकारों में से एक हुसैन को 1988 में पद्म श्री, 2002 में पद्म भूषण और 2023 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
भाषा शफीक