विधायक यतनाल ने भाजपा कर्नाटक इकाई प्रमुख की आलोचना पर पार्टी के नोटिस का जवाब दिया
शफीक पवनेश
- 04 Dec 2024, 07:05 PM
- Updated: 07:05 PM
नयी दिल्ली/बेंगलुरु, चार दिसंबर (भाषा) भाजपा नेता बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने बुधवार को कहा कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व को पार्टी की कर्नाटक इकाई में व्याप्त कथित ‘‘समायोजन की राजनीति, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और वंशवादी राजनीति’’ के बारे में विस्तार से बताया है।
विधायक ने कहा कि उन्होंने भाजपा केंद्रीय अनुशासन समिति (सीडीसी) के सदस्य सचिव ओम पाठक द्वारा उन्हें दिए गए नोटिस का छह पन्नों का जवाब सौंपा है। यह नोटिस उन्हें राज्य स्तरीय पार्टी नेतृत्व के खिलाफ ‘‘तीखा हमला करने और पार्टी के निर्देशों की अवहेलना’’ करने के लिए दिया गया था।
यतनाल ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने अपने जवाब में कहा है कि हमारी पार्टी को समायोजन की राजनीति, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, वंशवादी राजनीति के चंगुल से बाहर आना चाहिए और हिंदुत्व की आवाज को मजबूत करना चाहिए क्योंकि उत्तर प्रदेश, असम, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश अब हिंदुत्व की ओर झुक रहे हैं।’’
उनके अनुसार, कर्नाटक के लोग हिंदुत्व का विरोध करने वालों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।
यतनाल ने कहा, ‘‘मैंने येदियुरप्पा और उनके परिवार के खिलाफ गंभीर मामलों और समायोजन की राजनीति के बारे में भी बताया है।’’
उन्होंने कहा कि वह कर्नाटक के लिए एक तटस्थ राष्ट्रीय नेता की मांग करते हैं। यतनाल ने कहा कि कई तटस्थ नेता हैं, जो येदियुरप्पा परिवार से नाखुश हैं, लेकिन वे आंतरिक अनुशासन के कारण पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं बोल रहे हैं।
यतनाल पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा और उनके परिवार, खासकर भाजपा की कर्नाटक इकाई के प्रमुख बी.वाई. विजयेंद्र के कड़े आलोचक माने जाते हैं। वह अक्सर उन पर निशाना साधते हैं और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से मांग करते रहे हैं कि कांग्रेस की ‘‘परिवारवादी राजनीति’’ के खिलाफ प्रभावी लड़ाई के लिए येदियुरप्पा की ‘‘परिवारवादी राजनीति’’ पर लगाम लगाई जाए।
यतनाल ने विधायक रमेश जरकीहोली, अरविंद लिंबावली, महेश कुमाथल्ली, मधु बंगारप्पा सहित भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर बीदर से चामराजनगर तक वक्फ विरोधी मार्च निकाला है। यह मार्च 25 नवंबर को शुरू हुआ और 25 दिसंबर को समाप्त होगा।
इस मार्च को भाजपा के भीतर विजयेंद्र विरोधी गुट द्वारा शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
भाषा शफीक