जम्मू-कश्मीर के अखनूर में मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे
रवि कांत रवि कांत माधव
- 30 Oct 2024, 08:36 PM
- Updated: 08:36 PM
जम्मू, 30 अक्टूबर (भाषा) जम्मू क्षेत्र के अखनूर सेक्टर में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकवादी प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) समूह के सदस्य थे और उन्होंने हाल में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से इस क्षेत्र में घुसपैठ की थी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक आतंकवादी एक बड़े हमले की योजना बना रहे थे, तथा अखनूर मार्ग का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसका इस्तेमाल पारंपरिक रूप से प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादियों द्वारा किया जाता है।
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवादी बट्टल क्षेत्र के माध्यम से अखनूर में घुसे थे और उनके पास से जब्त वायरलेस सेट से उनके जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने की पुष्टि हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों की सामान्य रणनीति के विपरीत ये आतंकवादी कथित तौर पर एक बड़े हमले की योजना बना रहे थे।
सेना की 10वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल समीर श्रीवास्तव के इस दावे के बावजूद कि इस क्षेत्र में लंबे समय से घुसपैठ नहीं हुई है, अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष दिसंबर और अप्रैल में आतंकवादी गतिविधियों की पूर्व रिपोर्ट मिली थीं।
मेजर जनरल श्रीवास्तव ने संकेत दिया था कि क्षेत्र में आतंकवादी छोटे-छोटे समूहों में सक्रिय थे और योजनाबद्ध हमले के लिए अखनूर की ओर बढ़ रहे थे।
यह मुठभेड़ सोमवार सुबह उस समय शुरू हुई जब बट्टल स्थित शिव मंदिर आसन में दर्शन करने गए तीन स्थानीय लड़कों का सामना लड़ाकू पोशाक पहने सशस्त्र आतंकवादियों से हो गया।
जब लड़कों ने पूछा कि क्या वे सैन्यकर्मी हैं तो आतंकवादियों ने आक्रामक प्रतिक्रिया व्यक्त की तथा लड़कों को धमकी दी कि यदि उन्होंने किसी को उनकी मौजूदगी के बारे में बताया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
आतंकवादियों ने लड़कों का तब तक पीछा किया जब तक वे मुख्य सड़क तक नहीं पहुंच गए।
जैसे ही आतंकवादियों ने सड़क पर दो सैन्य वाहन - एक मारुति जिप्सी और एक एम्बुलेंस - देखे, उन्होंने सेना के काफिले को निशाना बनाकर गोलीबारी शुरू कर दी और मंदिर की ओर भाग गए।
जवाब में, विशेष बलों और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो ने तेजी से अभियान शुरू किया, जिसके परिणामस्वरूप सभी तीन आतंकवादी मारे गये।
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