वायनाड में पुनर्वास के प्रति केंद्र का रवैया ‘‘नकारात्मक’’ है: केरल सरकार
सिम्मी संतोष
- 27 Oct 2024, 03:16 PM
- Updated: 03:16 PM
तिरुवनंतपुरम, 27 अक्टूबर (भाषा) केरल सरकार ने भूस्खलन प्रभावित वायनाड के लिए ‘‘केंद्रीय सहायता में देरी’’ को लेकर एक बार फिर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए रविवार को कहा कि केंद्र सरकार ने इस आपदा की श्रेणी की घोषणा अभी तक नहीं की है।
राजस्व मंत्री के. राजन ने कहा कि वायनाड की बस्तियों में हुए भीषण भूस्खलन को 100 दिन बीत चुके हैं, लेकिन राज्य को पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि वायनाड के पुनर्वास के मामले में केंद्र द्वारा अपनाया गया ‘‘नकारात्मक दृष्टिकोण’’ राज्य के लिए ‘‘दुखद’’ है। राज्य सरकार ने केंद्रीय सहायता की मांग कई बार उठाई है।
राजन ने कहा, ‘‘केरल को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से मिलने वाली राशि नहीं चाहिए...हम वायनाड के लिए विशेष पैकेज चाहते हैं।’’
मंत्री ने कहा कि राज्य ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के अनुसार केंद्र को पहले ही एक ज्ञापन सौंप दिया है, लेकिन केंद्र सरकार अब केवल एसडीआरएफ के रूप में प्राप्त राशि के बारे में बात कर रही है।
उन्होंने कहा कि इन दोनों में कोई संबंध नहीं है।
मंत्री ने बताया कि एसडीआरएफ के तहत राशि राज्य में कहीं भी होने वाली छोटी या बड़ी आपदा के संबंध में दी जाती है।
राजस्व मंत्री ने कहा, ‘‘वायनाड को एक विशेष पैकेज की जरूरत है। केंद्र न केवल इस पर चुप है, बल्कि उसने अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि वायनाड भूस्खलन त्रासदी किस श्रेणी में वर्गीकृत है...क्या यह एल1 है, एल2 है या एल3 है।’’
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दिशा-निर्देशों के अनुसार आपदा की विभिन्न श्रेणियां हैं- एल0, एल1, एल2 और एल3।
राजन ने कहा कि यदि आपदा को एल3 के रूप में वर्गीकृत किया जाता है तो देश भर के लोकसभा और राज्यसभा सदस्य भी वायनाड के पुनर्वास में योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा कर रहे हैं...हम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों से संपर्क करना जारी रखे हुए हैं। हमें अब भी उम्मीद है कि हमें केंद्र से सहायता मिलेगी।’’
मंत्री के इस बयान से एक दिन पहले मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने केंद्र पर निशाना साधते हुए उस पर आपदा के समय भी राज्य को तबाह करने वाला रुख अपनाने का आरोप लगाया था।
भाषा
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