उच्चतम न्यायालय ने धनशोधन के मामले में विधायक अब्बास अंसारी को जमानत दी
सुरेश पवनेश
- 18 Oct 2024, 08:03 PM
- Updated: 08:03 PM
नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने धनशोधन से जुड़े एक मामले में विधायक अब्बास अंसारी को शुक्रवार को जमानत दे दी।
अब्बास अंसारी, गैंगस्टर एवं पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के पुत्र हैं। मुख्तार अंसारी की कुछ महीने पहले जेल में मौत हो गई थी।
न्यायमूर्ति एम. एम, सुंदरेश और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ ने अंसारी को धनशोधन के मामले में राहत दी।
उच्चतम न्यायालय ने 14 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी कर अंसारी की उस याचिका पर जवाब मांगा था जिसमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को चुनौती दी गई थी।
शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि जांच पूरी हो चुकी है, आरोप-पत्र पहले ही दायर किये जा चुके हैं और याचिकाकर्ता इस मामले में करीब डेढ़ साल से अधिक समय से हिरासत में है। साथ ही यह भी ध्यान में रखते हुए कि मुकदमे के फैसले में कुछ अधिक समय लगेगा, ऐसे में मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना, याचिकाकर्ता को निचली अदालत की संतुष्टि के लिए जमानत बाण्ड प्रस्तुत करने की शर्त पर जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया जाता है।”
उच्च न्यायालय ने अंसारी की जमानत याचिका नौ मई को खारिज कर दी थी।
शीर्ष अदालत की एक अन्य पीठ ने अंसारी को एक अलग मामले में जमानत दे दी थी, जिसमें उनपर अभियोजन पक्ष से जुड़े गवाहों और अधिकारियों को धमकाने के लिए अपनी पत्नी के सेलफोन का इस्तेमाल जेल में करने का आरोप है।
अंसारी चित्रकूट जिला जेल में बंद थे, जब उनकी पत्नी, ड्राइवर और सह-आरोपी नियाज उनसे मिलने आए थे और उन्होंने कथित तौर पर गवाहों को धमकाने और पैसे ऐंठने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा था कि जांच के बाद आरोप-पत्र दायर किया जा चुका है।
ईडी ने पिछले तीन मामलों के आधार पर धनशोधन रोकथाम कानून, 2002 के तहत सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक अंसारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
अंसारी पर चार नंवबर 2002 को इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था।
उत्तर प्रदेश की मऊ सीट से विधायक अंसारी अभी कासगंज जेल में हैं।
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