दिव्यांगों के लिए म्यूचुअल फंड, आईपीओ, बाण्ड जैसे शब्दों का सांकेतिक भाषा में अनुवाद किया गया
जितेंद्र संतोष
- 28 Sep 2024, 04:13 PM
- Updated: 04:13 PM
(उज्मी अतहर)
नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) दिव्यांगजनों तक पहुंच को बेहतर बनाने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए म्यूचुअल फंड, आईपीओ, बाण्ड और निवेशक जैसे प्रमुख मौद्रिक शब्दों का सांकेतिक भाषा में अनुवाद किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
दिव्यांग मामलों के सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि यह पहल एक बड़े सहयोग का हिस्सा है जिसका लक्ष्य वित्तीय प्रणालियों को श्रवण बाधित लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाना है ताकि उन्हें वित्तीय बाजारों से पूरी तरह जुड़ने में सक्षम बनाया जा सके।
अग्रवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “इन संकेतों का अनुवाद किये जाने से बधिर समुदाय के लिए वित्तीय प्रणालियों और सेवाओं में भाग लेने के नये अवसर खुलेंगे।”
उन्होंने बताया कि नये विकसित संकेतों में ‘म्यूचुअल फंड’, ‘आईपीओ’, ‘बॉन्ड’ और ‘निवेशक’ जैसे प्रमुख शब्द शामिल हैं। इन्हें वीडियो डेमो के जरिये देखा जा सकता है।
अधिकारी ने बताया कि भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र (आईएसएलआरटीसी) ने विभिन्न वित्तीय और बैंकिंग शब्दों के लिए ये संकेत विकसित किए हैं। अब यह शब्दकोश एक समर्पित वेबसाइट और ‘साइन लर्न’ नाम के एक निःशुल्क एप्लिकेशन के माध्यम से उपलब्ध है।
आईएसएलआरटीसी के उप निदेशक (प्रशासन) संजय कुमार ने बताया कि वित्तीय शब्दों के अलावा, केंद्र ने अपने शब्दकोश का विस्तार करने के लिए अन्य संगठनों के साथ भी भागीदारी की है।
उन्होंने बताया कि अकादमिक शब्दावली एनसीईआरटी के सहयोग से विकसित की गई है जबकि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) की शब्दावली चंडीगढ़ स्थित वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद-सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी संस्थान (सीएसआईआर-आईएमटेक) से प्राप्त जानकारी के आधार पर बनाई गई है।
कुमार ने बताया कि ये संसाधन ‘साइन लर्न’ मंच पर भी उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि आईएसएलआरटीसी, सिप्ला, इंफोसिस और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन सहित विभिन्न संगठनों में जागरूकता सत्र भी आयोजित कर रहा है।
कुमार ने बताया कि केंद्र अनुवादकों और प्रशिक्षकों के लिए अपने डिप्लोमा पाठ्यक्रमों का विस्तार करके सांकेतिक भाषा के क्षेत्र में योग्य पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भी काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि 2024-25 सत्र के लिए 120 बधिर विद्यार्थियों और 90 श्रवण बाधित विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है।
भाषा जितेंद्र