शिक्षाविदों ने गुजरात विश्वविद्यालय की कुलपति से विद्यार्थियों पर हमले की निंदा करने की अपील की
राजकुमार दिलीप
- 23 Mar 2024, 09:08 PM
- Updated: 09:08 PM
अहमदाबाद, 23 मार्च (भाषा) देश के 122 शिक्षाविदों और अन्य नागरिकों ने गुजरात विश्वविद्यालय की कुलपति नीरजा गुप्ता से नमाज पढ़ने के दौरान विदेशी छात्रों पर हुए हमले की घटना की निंदा करने तथा विद्यार्थियों को विभिन्न धार्मिक आस्थाओं और प्रथाओं के बारे में जागरूक करने की अपील की।
सोलह मार्च की रात को करीब दो दर्जन लोग सरकारी विश्वविद्यालय के छात्रावास में घुस गये और उन्होंने नमाज पढ़ रहे विदेशी विद्यार्थियों के साथ मारपीट की।
पुलिस के अनुसार, इस घटना के बाद श्रीलंका और ताजिकिस्तान के दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया तथा हमले के सिलसिले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
वर्तमान और पूर्व शिक्षाविदों तथा अन्य नागरिकों ने गुप्ता को लिखे खुले पत्र में कहा,‘‘ हम आपसे इस घटना की निंदा करते हुए एक सार्वजनिक बयान जारी करने का आग्रह करते हैं, ताकि भारत और अन्य जगहों के नागरिकों को पता चले कि गुजरात विश्वविद्यालय अपने छात्रों के खिलाफ गुंडागर्दी और हिंसा को बर्दाश्त नहीं करता है।
उन्होंने कहा कि गुजरात विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों खासकर हमले के शिकार छात्रों को उनकी सुरक्षा को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन का आश्वासन उन सभी विद्यार्थियों को कुछ राहत देगा, जो इस हमले के कारण असुरक्षित महसूस कर रहे होंगे।
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों ने कुलपति से यह भी आग्रह किया कि वे छात्रों को "धार्मिक आस्थाओं और प्रथाओं की विविधता और सभी धर्मों की मान्यताओं और प्रथाओं के लिए पारस्परिक सम्मान के महत्व के बारे में जागरूक करें।’’
पत्र में कहा गया है, ‘‘ विश्वविद्यालय परिसर सभी विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित स्थान है तथा जिस तरह विद्यार्थियों को निशाना बनाया गया, वह निंदनीय है।’’
इस पत्र पर राघवन रंगराजन, नवदीप माथुर, नेहा शाह और घनश्याम शाह जैसे वर्तमान एवं पूर्व शिक्षाविदों के हस्ताक्षर हैं।
मुंबई में अफगानिस्तान की महावाणिज्य दूत जकिया वारदाक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने इस घटना के मद्देनजर शुक्रवार को गुजरात विश्वविद्यालय का दौरा किया था और सुरक्षा उपायों पर कुलपति के साथ चर्चा की थी।
उससे पहले, 19 मार्च को गाम्बिया के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय का दौरा कर कुलपति के साथ बैठक की थी।
भाषा
राजकुमार