भारत, यूएई ने दिखाया ‘महिलाओं के नेतृत्व में विकास’ अधिक प्रभावी परिणाम दे सकता है : मुर्मू
प्रशांत दिलीप
- 09 Sep 2024, 09:19 PM
- Updated: 09:19 PM
(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने दिखाया है कि “महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास” समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए अधिक प्रभावी परिणाम दे सकता है।
उन्होंने यह बात अबूधाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ हुई बैठक के दौरान कही। नाहयान यहां राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मू से मिले थे।
उन्होंने पश्चिम एशियाई देश में 35 लाख से अधिक भारतीय नागरिकों के कल्याण, विशेषकर कोविड महामारी के कठिन समय के दौरान की गई विशेष देखभाल को सुनिश्चित करने के लिए यूएई नेतृत्व की भी प्रशंसा की।
राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि मुर्मू ने महिलाओं की अमीरात समाज के सभी पहलुओं में उच्च भागीदारी और योगदान को लेकर भी प्रसन्नता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, “दोनों देशों ने प्रदर्शित किया है कि महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए अधिक प्रभावी परिणाम दे सकता है।”
राष्ट्रपति ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि युवराज की यात्रा के दौरान, “हमने सहयोग के नए क्षेत्रों में कई समझौतों के माध्यम से इस साझेदारी का और विस्तार किया है”।
मुर्मू ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात में 35 लाख से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं और दोनों देशों की जनता के बीच आपसी संबंध इस रिश्ते का आधार हैं।
राष्ट्रपति ने कहा, “पिछले दशक में हमारे ऐतिहासिक तथा प्रगतिशील द्विपक्षीय संबंधों में काफी बदलाव आया है”, जिसका श्रेय दोनों देशों के दूरदर्शी नेतृत्व को जाता है।
मुर्मू ने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति भवन में संयुक्त अरब अमीरात के नेतृत्व की तीसरी पीढ़ी का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है, जो उच्चस्तरीय जुड़ाव की एक लंबी परंपरा को जारी रखती है, जो संयुक्त अरब अमीरात के साथ भारत की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के अनुरूप है।
बयान में कहा गया, “दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात में एक समन्वित एवं बहुसांस्कृतिक विरासत वाले समाज हैं, और महात्मा गांधी एवं महामहिम शेख जायद द्वारा दिखाए गए शांति, सहिष्णुता और सद्भाव के मार्ग हमारे राष्ट्रीय चरित्र में गहराई से समाहित हैं।”
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