केरल विधानसभा अध्यक्ष ने शीर्ष पुलिस अधिकारी की आरएसएस नेता से मुलाकात का बचाव किया
रवि कांत रवि कांत संतोष
- 09 Sep 2024, 09:07 PM
- Updated: 09:07 PM
तिरुवनंतपुरम, नौ सितंबर (भाषा) केरल विधानसभा के अध्यक्ष ए एन शमशीर ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी एम आर अजित कुमार की आरएसएस नेता से मुलाकात का बचाव किया है।
शमशीर ने सोमवार को कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का दक्षिणपंथी नेता से व्यक्तिगत रूप से मिलना कोई बड़ी बात नहीं है।
शमशीर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के नेताओं ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) एम आर अजित कुमार की आरएसएस नेता के साथ विवादास्पद मुलाकात से खुद को अलग कर लिया है।
शमशीर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को एक महत्वपूर्ण संगठन बताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का उसके नेताओं से मिलना गलत नहीं है।
विधानसभा अध्यक्ष ने इस संबंध में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘ लोगों का एक दूसरे से मिलना कोई बड़ी बात नहीं है। एक बड़े पुलिस अधिकारी ने आरएसएस नेता से मुलाकात की। उन्होंने पहले ही साफ कर दिया है कि उनका दोस्त उन्हें नेता के पास ले गया था। ’’
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता ने कहा, ‘‘इसलिए इस मुलाकात को इतना महत्व देने की कोई जरूरत नहीं थी। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘आरएसएस देश में एक महत्वपूर्ण संगठन है। एडीजीपी ने इसके नेतृत्व वाले व्यक्ति से मुलाकात की है। मुझे उस मुलाकात में कोई समस्या नहीं दिखती। ’’
एम. आर. अजित कुमार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक वरिष्ठ नेता के बीच पिछले साल हुई विवादित बैठक को लेकर केरल की राजनीति में हलचल जारी है। इस बीच, राज्य में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के संयोजक टी. पी. रामकृष्णन ने इस बैठक के कारण और मंशा के संबंध में विस्तृत जांच की मांग की है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता रामकृष्णन ने कहा कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने दक्षिणपंथी विचारधारा के नेता से मुलाकात की।
केरल में अजीत कुमार की आरएसएस नेता से मुलाकात को लेकर सत्तारूढ़ माकपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। वाम दल ने कांग्रेस के इस आरोप को खारिज कर दिया है कि अधिकारी मुख्यमंत्री विजयन के दूत बनकर गए थे।
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