जयराजन एलडीएफ संयोजक नहीं रहे, विपक्ष ने इसे भाजपा के साथ संबंध होने के उसके दावे की पुष्टि बताया
गोला प्रशांत
- 31 Aug 2024, 03:35 PM
- Updated: 03:35 PM
तिरुवनंतपुरम, 31 अगस्त (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता ई.पी. जयराजन के केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के संयोजक पद पर न रहने की खबरों के बीच पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने शनिवार को पुष्टि की कि वह अब इस अहम पद पर नहीं हैं लेकिन उन्होंने इसके पीछे की वजह नहीं बतायी।
ऐसी खबर है कि माकपा नेता टी.पी. रामकृष्णन राज्य में वाम मोर्चे के प्रमुख के तौर पर पद संभालेंगे। रामकृष्णन ने कहा कि पार्टी सचिव बताएंगे कि जयराजन एलडीएफ संयोजक क्यों नहीं हैं।
रामकृष्णन ने यह पुष्टि नहीं की कि वह एलडीएफ संयोजक नियुक्त किए गए हैं या नहीं, लेकिन कहा कि वह अपनी पार्टी के निर्णय का पालन करेंगे।
उन्होंने मीडिया से कहा, ‘‘पार्टी को आधिकारिक घोषणा करनी होगी कि एलडीएफ का अगला संयोजक कौन होगा। जयराजन के एलडीएफ संयोजक पद पर न रहने की वजह पार्टी के प्रदेश सचिव बताएंगे।’’
इस बीच, कांग्रेस नीत विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने दावा किया कि यह उनके इस आरोप की पुष्टि करता है कि जयराजन के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं प्रकाश जावड़ेकर तथा राजीव चंद्रशेखर के साथ संबंध थे।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन ने कहा कि यह घटना यूडीएफ के उन दावों की पुष्टि करता है कि जयराजन के भाजपा नेताओं के साथ संबंध थे।
सतीसन ने कहा, ‘‘अब यह साबित हो गया है कि हमने जो दावा किया था वह सही था। न केवल वह (जयराजन) बल्कि केरल में माकपा के भी गलत संबंध हैं जिनमें कारोबारी संबंध, भाजपा के साथ संबंध भी शामिल हैं।’’
जयराजन अपने पद से इस्तीफा देने की इच्छा जताने की खबरों के बीच माकपा की प्रदेश समिति की बैठक से शनिवार को दूर रहे।
कन्नूर में सुबह अपने आवास पर पहुंचे जयराजन ने पत्रकारों के इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या वह एलडीएफ के संयोजक पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘अगर मुझे आपसे कुछ कहना होगा तो मैं आपको बुलाऊंगा।’’
ऐसी जानकारी है कि वरिष्ठ माकपा नेता अपनी पार्टी के भीतर तब से आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं, जब अप्रैल में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात करने की बात स्वीकार की थी।
जयराजन की इस स्वीकारोक्ति के बाद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने उन्हें अपनी मुलाकातों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी थी।
भाषा
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