हमारी शर्तों पर होगी बातचीत: मणिपुर के मुख्यमंत्री के वार्ता के लिए दूत नियुक्त करने पर कुकी नेता
नेत्रपाल माधव
- 30 Aug 2024, 05:49 PM
- Updated: 05:49 PM
नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) कुकी निकायों के प्रमुख संगठन ‘इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम’ (आईटीएलएफ) ने शुक्रवार को कहा कि यदि कोई बातचीत होगी तो यह मात्र उनकी शर्तों पर और केवल केंद्र के साथ होगी। इसके साथ ही मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह द्वारा वार्ता के लिए नियुक्त किए गए दूत के साथ बातचीत के लगभग सभी दरवाजे बंद हो गए।
सिंह ने बृहस्पतिवार को पीटीआई की वीडियो सेवा के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने नगा विधायक और हिल एरिया कमेटी के अध्यक्ष दिंगांगलुंग गंगमेई को कुकी-जो तथा मेइती नेताओं के साथ बातचीत करने के लिए दूत के रूप में नियुक्त किया है। उन्होंने कहा, ‘‘बातचीत ही एकमात्र रास्ता है।’’
आईटीएलएफ के प्रवक्ता गिन्जा वुएलजोंग ने कहा, ‘‘हम मुलाकात कर सकते हैं। लेकिन यह बातचीत हमारी शर्तों पर होगी।’’ उन्होंने कहा कि कुकी-जो समुदाय केवल केंद्र सरकार से बातचीत करेगा।
वुएलजोंग ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मेइती (मणिपुर) सरकार से अलग होना ही हमारे लिए एकमात्र समाधान है। हम अब उसी सरकार के अधीन नहीं रह सकते जिसने हमें मार डाला, जिसने हमें भगा दिया और हमारी संपत्तियों तथा उपासना स्थलों को जला दिया।’’
आईटीएलएफ का दृष्टिकोण कुकी-जो समुदाय और मणिपुर राज्य सरकार तथा बहुसंख्यक मेइती समुदाय के बीच गहराते विभाजन को रेखांकित करता है।
पिछले साल मई से शुरू हुई और राज्य को सामुदायिक आधार पर विभाजित करने वाली जातीय झड़पों में 200 से अधिक लोगों की जान चली गई और हजारों परिवार विस्थापित हो गए हैं।
पीटीआई के साथ साक्षात्कार में मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पांच-छह महीनों में शांति और सुलह बहाल हो जाएगी, जिसमें केंद्र एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस पर वुएलजोंग ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुकी-जो नागरिक समाज संगठन (सीएसओ) राज्य सरकार के प्रति अविश्वास रखते हैं।
आईटीएलएफ के प्रवक्ता ने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा नियुक्त न्यायिक समिति को प्रस्तुत की गई 48 मिनट की ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी हवाला दिया, जिसमें सिंह को कथित तौर पर कुकी-प्रभुत्व वाले क्षेत्रों पर बमबारी के बारे में चर्चा करते हुए सुना गया है।
मणिपुर सरकार ने रिकॉर्डिंग को संपादित करार देते हुए खारिज किया है।
वुएलजोंग ने कहा, ‘‘अब जब बीरेन की ऑडियो क्लिप जांच के दायरे में आ गई है, तो बीरेन को एक अच्छा बहाना पेश करने की जरूरत है।’’
भाषा नेत्रपाल