छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को मिलेगा ब्याज रहित ऋण
संजीव जोहेब
- 29 Aug 2024, 06:32 PM
- Updated: 06:32 PM
रायपुर, 29 अगस्त (भाषा) छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण देने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के बच्चों को यह ऋण दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इन जिलों में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को 'मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना' के तहत लाभान्वित करने के निर्देश दिया है तथा इसके लिए विशेष अभियान चलाने के लिए कहा है।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने राज्य के अन्य जिलों के कलेक्टरों को भी बच्चों को तकनीकी एवं व्यावसायिक उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत के ब्याज दर पर दी जा रही ऋण सुविधा का लाभ दिलाने का निर्देश दिया है।
राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के संचालन के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।
इस योजना के अंतर्गत डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के 35 तकनीकी तथा अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है।
योजना में ब्याज अनुदान के लिए शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा चार लाख रुपए निर्धारित है।
शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के तहत तकनीकी शिक्षा और अन्य व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रमों में दाखिला ले चुके दो लाख से कम वार्षिक पारिवारिक आय वाले छात्रों को ‘मोरेटोरियम’ अवधि के बाद ऋण किश्तों के नियमित भुगतान की स्थिति में केवल एक प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा।
शेष ब्याज की राशि का भुगतान राज्य शासन द्वारा सीधे संबंधित बैंक को किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राज्य के नक्सल प्रभावित जिले बस्तर, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, जशपुर, उत्तर बस्तर कांकेर, कोरिया, नारायणपुर, राजनांदगांव, सरगुजा, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बालोद, सुकमा, कोण्डागांव और बलरामपुर जिले के छात्रों को ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निर्धारित शर्तों में छात्र को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए।
भाषा संजीव