प्रतिस्पर्धा आयोग ने रिलायंस, वॉल्ट डिज्नी की मीडिया इकाइयों के विलय को मंजूरी दी
प्रेम प्रेम अजय
- 28 Aug 2024, 10:24 PM
- Updated: 10:24 PM
नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने बुधवार को कहा कि उसने देश की सबसे बड़ी मीडिया कंपनी के गठन के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज और वॉल्ट डिज्नी कंपनी की मीडिया इकाइयों के विलय को मंजूरी दे दी है।
प्रतिस्पर्धा आयोग ने इस विलय समझौते को दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तावित कुछ संशोधनों के साथ मंजूरी दी है। हालांकि, प्रतिस्पर्धा आयोग ने दोनों पक्षों की तरफ से मूल सौदे में किए गए इन स्वैच्छिक संशोधनों का ब्योरा नहीं दिया।
इस विलय समझौते के तहत 70,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाली देश की सबसे बड़ी मीडिया कंपनी अस्तित्व में आएगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज की मीडिया इकाई वायकॉम18 और वॉल्ट डिज्नी की मीडिया इकाई स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एसआईपीएल) के विलय की घोषणा साल की शुरुआत में की गई थी।
प्रतिस्पर्धा नियामक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि उसने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, वायकॉम18 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड, डिजिटल 18 मीडिया लिमिटेड, एलआईपीएल और स्टार टेलीविजन प्रोडक्शंस लिमिटेड (एसटीपीएल) के प्रस्तावित संयोजन को स्वैच्छिक संशोधनों के अनुपालन के अधीन मंजूरी दे दी है।
एसटीपीएल ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में गठित एक कंपनी है जिसका परोक्ष रूप से स्वामित्व वॉल्ट डिज्नी के पास है।
इस सौदे के तहत रिलायंस और उसकी सहयोगी इकाइयों की संयुक्त मीडिया कंपनी में 63.16 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी जबकि वॉल्ट डिज्नी के पास शेष 36.84 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
विलय के बाद गठित होने वाली मीडिया कंपनी के पास दो स्ट्रीमिंग सेवाएं और 120 टेलीविजन चैनल होंगे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सोनी और नेटफ्लिक्स जैसे प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबले के लिए संयुक्त उद्यम में करीब 11,500 करोड़ रुपये निवेश करने पर सहमति जताई है।
रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी इस उद्यम की बागडोर संभालेंगी जबकि डिज्नी के पूर्व शीर्ष अधिकारी उदय शंकर इसके वाइस चेयरपर्सन होंगे।
प्रतिस्पर्धा आयोग की मंजूरी के बाद इस सौदे को अभी राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) से मंजूरी लेनी होगी।
प्रतिस्पर्धा आयोग ने इस सौदे की मंजूरी के लिए दायर आवेदन का परीक्षण करने पर क्रिकेट प्रसारण अधिकार, ओटीटी मौजूदगी एवं प्रतिस्पर्धा-रोधी बिंदुओं को लेकर कुछ चिंताएं जताई थीं।
भाषा प्रेम प्रेम