अधिग्रहण की तलाश में इन्फोसिस: सीईओ
अनुराग रमण
- 25 Aug 2024, 04:32 PM
- Updated: 04:32 PM
(मौमिता बख्शी चटर्जी)
नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) भारत की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा कंपनी इन्फोसिस इस वर्ष दो अधिग्रहणों के बाद और कंपनियों को लेने की तैयारी में है।
इन्फोसिस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सलिल पारेख ने पीटीआई-भाषा से विशेष बातचीत में कहा कि कंपनी डेटा एनालिटिक्स, सेवा के तौर पर सॉफ्टवेयर (एसएएएस) जैसे क्षेत्रों में अधिग्रहण की इच्छुक है तथा यूरोप और अमेरिका के कुछ भौगोलिक क्षेत्रों पर भी विचार कर सकती है।
यह पूछे जाने पर कि क्या और अधिक अधिग्रहण, प्रौद्योगिकी क्षेत्र के समान पैमाने के हो सकते हैं, पारेख ने कहा, "बिल्कुल, मुझे लगता है कि हम पैमाने के संदर्भ में इसी आकार पर विचार करेंगे और हमारी संरचना को देखते हुए हम इनमें से कुछ अधिग्रहण कर सकते हैं।"
कंपनी ने प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 45 करोड़ यूरो के अधिग्रहण किए हैं।
इन्फोसिस ने जनवरी में भारत में मुख्यालय वाली सेमीकंडक्टर डिजाइन सेवा कंपनी इनसेमी टेक्नोलॉजी सर्विसेज में 100 प्रतिशत इक्विटी शेयर हासिल करने के लिए एक पक्के समझौते की घोषणा की। इस सौदे की कुल कीमत 280 करोड़ रुपये तक थी (जिसमें कमाई, प्रबंधन प्रोत्साहन और प्रतिधारण बोनस शामिल हैं)।
कंपनी ने तीन महीने बाद एक और बड़ा अधिग्रहण किया।
पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी इन्फोसिस जर्मनी ने अप्रैल में इन-टेक होल्डिंग में 45 करोड़ यूरो (लगभग 4,045 करोड़ रुपये) तक की राशि पर 100 प्रतिशत इक्विटी शेयर अधिग्रहण करने के लिए पक्का समझौता किया।
इन-टेक होल्डिंग जर्मनी में मुख्यालय वाली इंजीनियरिंग अनुसंधान एवं विकास सेवाओं की अग्रणी प्रदाता कंपनी है।
पारेख ने कहा, “...इन्फोसिस के अंदर इंजीनियरिंग सेवाओं में हमारा पहले से ही बहुत अच्छा कारोबार है और फिर हमने दो अधिग्रहण किए, दोनों ही इंजीनियरिंग सेवाओं में, एक सेमीकंडक्टर की तरफ और एक ऑटोमोटिव की तरफ... बहुत मजबूत कारोबार है और हम उस क्षेत्र में विस्तार को लेकर काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि इन्फोसिस और अधिक अधिग्रहण पर नजर रख रही है तथा कंपनी कई कंपनियों का मूल्यांकन कर रही है।
भाषा अनुराग