तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने 60 साल पुरानी अथिकादावु-अविनाशी परियोजना का उद्घाटन किया
रवि कांत रवि कांत संतोष
- 17 Aug 2024, 06:30 PM
- Updated: 06:30 PM
चेन्नई, 17 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु के तीन जिलों के लोगों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के अलावा कृषि क्षेत्र की सिंचाई सुनिश्चित करने वाली छह दशक पुरानी अथिकादावु अविनाशी परियोजना शनिवार को शुरू हो गयी।
कोयंबटूर, तिरुप्पुर और इरोड जिलों में भूजल के स्तर को बढ़ाने और जलाशयों को भरने के उद्देश्य से 1,916.41 करोड़ रुपये की परियोजना का मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने यहां सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उद्घाटन किया।
इस परियोजना की परिकल्पना मूल रूप से छह दशक पहले की गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता एम करुणानिधि ने 1972 में इस परियोजना की दिशा में पहल की थी।
इसके बाद अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की नेता और तत्कालीन मुख्यमंत्री ई के पलानीस्वामी ने इस परियोजना को अपने हाथ में लिया और 2019 में इसका शिलान्यास किया।
वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में एम के स्टालिन के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस परियोजना को और गति मिली।
तमिलनाडु सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ मौजूदा मुख्यमंत्री द्वारा इस परियोजना का त्वरित गति से कार्य शुरू कराया गया था और हाल ही में इसे पूरा किया गया।’’
इरोड में कलिंगारायणपलायम में भवानी नदी के कलिंगारायण बांध के निचले हिस्से से लगभग 150 करोड़ घन फुट (टीएमसी) अधिशेष जल को 1,045 जलाशयों को भरने तथा इरोड, तिरुप्पुर और कोयंबटूर जिलों में 24,468 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई के लिए उपयोग में लाया जाएगा।
पश्चिमी घाट में नीलगिरि से निकलने वाली 217 किलोमीटर लंबी बारहमासी भवानी नदी दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्वी मानसून दोनों से पोषित होती है।
फरवरी 2019 में 1,652 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना की आधारशिला रखी गई थी और घोषणा की गई थी कि इसे 34 महीनों में पूरा किया जाएगा। बाद में, तीन जिलों में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के नियंत्रण में 32 टैंक, 42 यूनियन टैंक और 971 तालाबों को भरने के लिए परियोजना लागत को संशोधित कर 1,758.88 करोड़ रुपये कर दिया गया।
अंततः यह परियोजना 1,916.41 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई, हालांकि जब इसकी परिकल्पना की गई थी तब इसकी लागत 134 करोड़ रुपये प्रस्तावित थी।
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