जेएनयू के शिक्षकों और छात्रों ने परिसर में विरोध प्रदर्शन किया
नोमान धीरज
- 12 Aug 2024, 08:39 PM
- Updated: 08:39 PM
नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) के सदस्यों ने पदोन्नति में कथित देरी के विरोध में सोमवार को जेएनयू परिसर में 24 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की।
जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने भी छात्रों के खिलाफ शुरू की गई प्रॉक्टर जांच को रद्द करने सहित कई लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
हड़ताल और शिक्षकों तथा छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति शांतिश्री डी. पंडित की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
जेएनयूटीए से जुड़े विभिन्न विभागों के एक दर्जन से अधिक प्रोफेसर ‘स्कूल ऑफ लैंग्वेज’ के मैदान में धरने पर बैठे।
धरना स्थल पर पोस्टर लगाए गए, जिन पर ‘‘पदोन्नति कड़ी मेहनत से मिलती है’’ और ‘‘पदोन्नति का इंतजार’’ जैसे नारे लिखे थे।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ‘करियर प्रोन्नयन योजना’ (सीएएस) के तहत पदोन्नति चुनिंदा तरीके से दी गई और 2016 से कई मामलों में इसमें देरी की गई।
जेएनयूटीए अध्यक्ष मौसमी बसु ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि वर्तमान में 130 से अधिक संकाय सदस्यों के सीएएस आवेदनों पर कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रशासन लंबित पदोन्नतियों को मंजूरी दे और उन वर्षों के लिए मुआवजा प्रदान करे, जब उन्होंने पदोन्नति के बिना काम किया।
उन्होंने कहा कि न्यूनतम पात्रता की तिथि को ही पदोन्नति की तिथि माना जाना चाहिए।
जेएनयूएसयू पदाधिकारियों सहित 16 छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू की है। इनमें जेएनयू के बराक छात्रावास को खोलना, ‘मेरिट-कम-मीन्स’ छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि और यौन उत्पीड़न के खिलाफ लैंगिक संवेदीकरण समिति को बहाल करने की मांग शामिल है। बराक छात्रावास का फरवरी में उद्धाटन किया गया था लेकिन यह तब से बंद पड़ा है।
छात्र ‘चीफ प्रॉक्टर ऑफिस मैनुअल’ को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं, जिसके तहत परिसर के प्रतिबंधित क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन करने पर 20,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसे पिछले साल अधिसूचित किया गया था।
छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि उसने 12 अप्रैल को पंडित को मांगों का ज्ञापन सौंपा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
भाषा नोमान