हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर धर्मनिरपेक्षता के पैरोकार चुप हैं: विहिप
राजकुमार
- 08 Aug 2024, 08:50 PM
- Updated: 08:50 PM
प्रयागराज (उप्र), आठ अगस्त (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांदे ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर धर्मनिरपेक्षता के पैरोकारी करने वाले लोगों विशेषकर विपक्ष पर चुप्पी साध लेने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इससे ऐसा लगता है कि हिंदुओं के पास मानवाधिकार नहीं हैं।
परांदे ने यहां विहिप कार्यालय में पत्रकारों से कहा, “आज धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाले देश-विदेश के अनेक लोग बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा पर बोलने को तैयार नहीं हैं।”
उन्होंने कहा, “इन सभी ने चुप्पी साधी हुई है। इससे ऐसा लगता है कि हिंदुओं के मानवाधिकार हैं ही नहीं। हिंदुओं को छोड़कर सभी के लिए मानवाधिकार है। यहां के अनेक राजनीतिक दलों ने भी इस मामले में चुप्पी साध रखी है।”
परांदे ने कहा, “साम्यवाद का चिंतन करने वाले अनेक लोगों ने ‘एक्स’ आदि सोशल मीडिया मंच पर भारत को लेकर चिंताजनक टिप्पणियां की हैं और उनका कहना है कि ऐसी परिस्थितियां भारत में भी आनी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “इस तरह की टिप्पणियां भारत में भी हिंसा भड़काने के प्रयास हैं और सरकार को ऐसी टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है। बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाए जाने के बाद कई हिंदू भारत में शरण लेने की सोच रहे हैं। भारत सरकार को ऐसे शरणार्थियों की चिंता करनी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “हिंदू यदि भारत की ओर नहीं देखेगा तो कहां देखेगा। ऐसे हिंदू शरणार्थियों के बारे में सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समाज को सोचने की आवश्यकता है। बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ अत्याचार से विश्व हिंदू परिषद बहुत दुखी है। भारत आने वाले हिंदुओं की सेवा में विश्व हिंदू परिषद पूरी तरह से लगेगी।”
परांदे ने कहा, “बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद पूरा आंदोलन हिंदुओं के खिलाफ हिंसा में तब्दील हो गया है जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। बांग्लादेश के अनेक जिलों में हिंदुओं की हत्या की जा रही है, उनके प्रतिष्ठानों को लूटा जा रहा है और उनके दर्जनों घरों को जलाया गया है। वहां इस्लामिक कट्टरतावाद का जो प्रदर्शन हो रहा है, वह चिंताजनक है।”
भाषा राजेंद्र