मुंबई पुलिस के एक कांस्टेबल के बेटे ने हत्या मामले की जांच में मदद की
जोहेब प्रशांत
- 08 Aug 2024, 08:44 PM
- Updated: 08:44 PM
मुंबई, आठ अगस्त (भाषा) मुंबई पुलिस के एक कांस्टेबल के बोलने और सुनने में असमर्थ बेटे ने अपने जैसी समस्या से पीड़ित आरोपी से सांकेतिक भाषा में पूछताछ करके हत्या मामले की जांच में मदद की है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि पांच अगस्त को दादर रेलवे स्टेशन पर एक ट्रॉली बैग में 30 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने के बाद जांच शुरू हुई थी। मृतक की पहचान अरशद अली सादिक अली शेख के रूप में हुई थी।
उन्होंने बताया कि दादर रेलवे पुलिस को हालांकि परेशानी का सामना करना पड़ा क्योंकि आरोपी जय चावड़ा बोलने और सुनने में असमर्थ है और अपराध के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए उससे पूछताछ करने में परेशानी हो रही थी।
अधिकारी ने कहा, “हम साधना विद्यालय का पता मांग रहे थे, जो बोलने और सुनने में असमर्थ बच्चों का एक स्कूल है। हमें जांच के दौरान सांकेतिक भाषा आदि का उपयोग करके आरोपी से बात करने के लिए किसी व्यक्ति की आवश्यकता थी।”
स्कूल का पता लगाने की कोशिश करते समय जांच दल की मुलाकात वडाला में गश्त ड्यूटी पर तैनात आरएके मार्ग थाने के कर्मियों से हुई, जिनमें कांस्टेबल राजेश सतपुते भी शामिल थे।
उन्होंने बताया, "सतपुते ने हमें बताया कि वह स्कूल दादर में है और बोलने व सुनने में असमर्थ उनका 23 वर्षीय बेटा गौरव उस स्कूल का पूर्व छात्र है। रेलवे पुलिस की टीम रात दो बजे सतपुते के घर गई और गौरव को दादर रेलवे थाने ले आई।"
अधिकारी ने बताया कि टीम ने गौरव को एक प्रश्नावली दी और चावड़ा से बात करने को कहा, जिसे दादर रेलवे स्टेशन पर वह बैग लिए हुए पकड़ा गया था।
अधिकारी ने कहा, "गौरव की चावड़ा से बातचीत से हमें अपराध, सह-आरोपी और कारण के बारे में विस्तृत जानकारी मिली। हमने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मृतक अरशद अली की पत्नी भी शामिल है, जिसका कथित तौर पर चावड़ा के साथ विवाहेतर संबंध है।”
कांस्टेबल राजेश सतपुते ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका बेटा हत्या के एक मामले में पुलिस की मदद करने में कामयाब रहा।
उन्होंने कहा, "उसने दसवीं कक्षा तक साधना विद्यालय में पढ़ाई की है। उसने मझगांव डॉक लिमिटेड से पाइप फिटर का कोर्स भी किया है। गौरव की कोशिशों की वजह से पुलिस को पूरी घटना की जानकारी मिल सकी।"
भाषा जोहेब