स्टॉक, सावधि जमा जैसी बचत के लिए भी ‘इंडेक्सेशन’ लाभ की अनुमति दी जाए: कांग्रेस
हक हक पवनेश
- 07 Aug 2024, 06:39 PM
- Updated: 06:39 PM
नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि संपत्तियों पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) कर के लिए व्यक्तियों को दो कर दरों के बीच चयन करने का विकल्प देने का सरकार का प्रस्ताव पर्याप्त नहीं है और स्टॉक और सावधि जमा जैसी बचत के लिए भी ‘इंडेक्सेशन’ (मुद्रास्फीति के प्रभाव को शामिल करना) के लाभ की अनुमति दी जानी चाहिए।
सरकार ने मंगलवार को रियल एस्टेट संपत्तियों पर पूंजीगत लाभ कर के मामले में करदाताओं को राहत देने का प्रस्ताव रखा। अब संपत्ति मालिकों के पास पूंजीगत लाभ पर 20 प्रतिशत या 12.5 प्रतिशत कर की दर में से कोई एक चुनने का विकल्प होगा।
वित्त विधेयक, 2024 में इस संशोधन का ब्योरा लोकसभा सदस्यों को वितरित किया गया है।
कांग्रेस की इकाई ‘प्रोफेशनल्स कांग्रेस’ के अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बजट में उनकी बचत और निवेश लाभ पर ‘इंडेक्सेशन’ (मुद्रास्फीति के प्रभाव को शामिल करना) और उच्च करों को हटाकर मध्य और वेतनभोगी वर्ग को धोखा दिया गया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘23 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में सरकार का बजट पेश किया। हमने कुछ पहलुओं का स्वागत किया, लेकिन बजट के कई हिस्सों का कड़ा विरोध किया। हमने इस तथ्य का स्वागत किया कि वित्त मंत्री ने कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र से कुछ विचार बजट में समाहित किए।’’
उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री ने मध्यम वर्ग और वेतनभोगी पेशेवरों के साथ जो किया, उसका कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया।
चक्रवर्ती के मुताबिक विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में स्पष्ट रूप से कहा कि बचत और निवेश लाभ पर ‘इंडेक्सेशन’ और उच्च करों को हटाने के माध्यम से ‘‘मध्यम वर्ग के साथ विश्वासघात’’ किया गया।
उन्होंने कहा कि पहले से ही, मध्यम वर्ग और वेतनभोगी पेशेवर मोदी सरकार के तहत कराधान का खामियाजा भुगत रहे हैं क्योंकि भारत में पहली बार मध्यम वर्ग के व्यक्तियों द्वारा भुगतान किया गया कुल आयकर अमीर कॉरपोरेट द्वारा दिए किए गए करों से अधिक है।
चक्रवर्ती ने कहा कि ‘ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस’ और कांग्रेस पार्टी ने एक याचिका के साथ ‘‘ब्रिंग बैक इंडेक्सेशन’’ नामक एक अभियान शुरू किया, जिसमें लोगों से इस पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया है।
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