हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हुई
रवि कांत अमित
- 06 Aug 2024, 09:59 PM
- Updated: 09:59 PM
(फोटो के साथ)
शिमला, छह अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। प्रभावित क्षेत्रों से मंगलवार को दो और लोगों के शव बरामद हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मंडी जिले के पधर के राजबन गांव में तलाशी अभियान के दौरान खुद्दी देवी (46) का शव बरामद किया गया, जबकि शिमला जिले के सुन्नी के पास डोगरी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया।
हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई की रात को कुल्लू के निरमंड, सैंज व मलाना, मंडी के पधर और शिमला के रामपुर उपसंभाग में बादल फटने की घटनाओं के बाद करीब 40 लोग लापता हैं।
वहीं, सबसे ज्यादा नुकसान शिमला और कुल्लू जिले की सीमा पर स्थित समेज गांव को हुआ, जहां 30 से ज्यादा लोग लापता बताये जा रहे हैं।
इस घटना के छह दिन बाद गांव का दौरा करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद कंगना रनौत ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर पीड़ितों की मदद के लिए ‘‘कुछ नहीं करने’’ का आरोप लगाया।
कंगना ने कहा कि कुछ लोगों ने अपने बच्चों सहित परिवार के सभी सदस्यों को खो दिया है। उन्होंने राज्य सरकार से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत (वित्तीय सहायता) प्रदान करने का अनुरोध किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ मुझे राज्य सरकार द्वारा कुछ भी किया हुआ नहीं दिख रहा है। मंत्रियों द्वारा यहां एक भी काम नहीं किया गया है, जो अमानवीय है।’’
मंडी के राजभान गांव से नौ शव बरामद किए गए, शिमला जिले के रामपुर से छह और कुल्लू जिले के निरमंड से एक शव बरामद किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), हिमाचल प्रदेश पुलिस और होमगार्ड की टीम के 410 बचावकर्मी खोज अभियान में जुटे हैं। बचावकर्मियों ने अधिक मशीन लगाकर, श्वान दस्ता, ड्रोन और अन्य उपकरणों की मदद से खोज अभियान तेज कर दिया है।
मानसून के आगमन से लेकर पांच अगस्त तक पहाड़ी राज्य को 684 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, वर्षाजनित घटनाओं में अब तत 87 लोगों की मौत हो चुकी है।
भाषा रवि कांत