उत्तराखंड: कर अधिकारी का तबादला, सहकर्मियों ने अवैध लकड़ी व्यापार मामले में बाधा की आशंका जताई
सिम्मी माधव
- 18 Mar 2024, 09:16 PM
- Updated: 09:16 PM
(जीवन प्रकाश शर्मा)
नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) उत्तराखंड राज्य कर विभाग ने शनिवार को आदर्श आचार संहिता लागू होने से कुछ घंटे पहले अपने एक वरिष्ठ अधिकारी का तबादला कर दिया जिसके बाद उनके कई सहयोगियों ने उस अवैध लकड़ी व्यापार मामले संबंधी कार्रवाई में बाधा पैदा होने की आशंका जताई, जिसका वह नेतृत्व कर रहे थे।
उधम सिंह नगर जिले में लकड़ी माफियाओं के खिलाफ फोरेंसिक जांच करने और बड़ी कर चोरी के सबूतों के साथ मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार करने के बाद चर्चा में आए माल एवं सेवा कर आसूचना के उपायुक्त रजनीश एस यशवस्थी को रुद्रपुर से नैनीताल स्थानांतरित किया गया है।
यशवस्ती के तबादले के पीछे जो वजह बताई गई है, उसे जानकर राजस्व अधिकारी भी हैरान हैं।
एक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर कहा, ‘‘उनके स्थानांतरण आदेश में कहा गया है कि उन्होंने 12 अक्टूबर, 2023 को जारी एक प्रशासनिक आदेश का पालन नहीं किया, जिसके अनुसार उन्हें 18 अक्टूबर, 2023 तक मुख्य साजिशकर्ता शाहनवाज हुसैन को गिरफ्तार करना था। उक्त आरोपी को चार दिन बाद 22 अक्टूबर, 2023 को गिरफ्तार किया गया था। यह बहुत आश्चर्य की बात है कि स्थानांतरण आदेश अब छह महीने बाद दिया गया।’’
मुख्यालय के अपर आयुक्त आई एस बृजवाल ने कहा, ‘‘स्थानांतरण आदेश उच्चाधिकारी की ओर से आया है।’’
यशवस्थी और उनकी टीम ने मार्च 2023 में कर चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया और तब से हुसैन फरार था। उसे 22 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार किया गया।
यशवस्थी के सहयोगियों ने कहा कि उनका स्थानांतरण इस मामले के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि उनकी टीम एक अन्य सह-अभियुक्त को गिरफ्तार करने वाली थी जो स्थानीय लकड़ी व्यापारी संघ का पदाधिकारी है।
यह मामला तब सुर्खियों में आया, जब जीएसटी विभाग ने व्यापारियों के एक समूह का भंडाफोड़ करने के लिए पहली बार डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी का इस्तेमाल किया। इस समूह ने लकड़ी और उसके उत्पादों के अवैध व्यापार को कानूनी बनाने के लिए फर्जी कंपनियां बनाईं और करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी की।
ऐसा अनुमान है कि इस अवैध व्यापार के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ और 18 करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी हुई। विशेष जांच दल ने रुद्रपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में इस मामले में 3,500 पृष्ठीय आरोप पत्र दायर किया, जहां मामला अभी लंबित है।
भाषा सिम्मी