दिल्ली के अस्पताल में हुई गोलीबारी के मामले में 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार
जोहेब पवनेश
- 17 Jul 2024, 08:44 PM
- Updated: 08:44 PM
नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने जीटीबी अस्पताल गोलीबारी मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया, जो इसके मुख्य षड़यंत्रकारियों में से एक है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, घटना के मुख्य साजिशकर्ता फहीम ने मूल योजना विफल होने की स्थिति में आरोपी मोइन (19) को वैकल्पिक योजना के तहत तैयार रखा था।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेन्द्र चौधरी ने बताया, "गोलीबारी की घटना से पहले मोइन ने कई बार जीटीबी अस्पताल का दौरा कर उसके प्रवेश तथा निकास द्वार के बारे में जानकारी एकत्र की थी।"
उन्होंने बताया कि उसने अपराध के समय अस्पताल के अंदर मौजूद रहे अपने साथियों अयान, अमन और शावेज के साथ मिलकर लगातार चार दिन तक रेकी की थी।
डीसीपी ने कहा, "शुरू में मोइन को अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को छिपाने का काम सौंपा गया था। इसके अलावा फहीम ने उसे मूल योजना के विफल होने की स्थिति में वैकल्पिक योजना के लिए तैयार रखा था।"
उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।
गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल के एक वार्ड में किसी दूसरे व्यक्ति को मारने आए नाबालिग ने 32 वर्षीय रियाजुद्दीन को गोली मार दी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के लोनी के निवासी फैज (20) और दिल्ली के चौहान बांगर के रहने वाले फरहान को गिरफ्तार किया था। हालांकि पुलिस ने कहा कि उन्होंने रविवार की शाम गोली नहीं चलाई थी बल्कि मुख्य आरोपी की मदद की थी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा, “हमने एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।”
मंगलवार को पुलिस ने बताया कि हमलावरों का असली निशाना जेल में बंद गैंगस्टर हाशिम बाबा का एक प्रतिद्वंद्वी था।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी वसीम (33) की हत्या करने गए थे, जिसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसने कुछ महीने पहले गिरोह की प्रतिद्वंद्विता के चलते जेल में बंद अपराधी को धमकी दी थी।
हाशिम बाबा के करीबी सहयोगी फहीम ने हत्या की योजना बनाई और अन्य आरोपियों को प्रशिक्षित किया कि वे अस्पताल में कैसे प्रवेश करें और अपराध के बाद कैसे बाहर निकलें।
पुलिस ने मंगलवार को बताया कि आरोपियों के हाशिम बाबा के गिरोह के सदस्य होने का संदेह है।
भाषा जोहेब